अपहृत बच्चों की तलाश में अमरीका के साथ मिलकर काम करेगा भारत

अपहृत बच्चों , अमरीका , भारत
अपहृत बच्चों की तलाश में अमरीका के साथ मिलकर काम करेगा भारत

वाशिंगटन। अपहृत बच्चों को तलाश करने के लिए और इनसे जुड़े अन्य मामलों में भारत और अमेरिका साथ मिलकर काम करेंगे । यह जानकारी अमरीका के विदेश मंत्रालय की एक अधिकारी ने आज अमरीकी सांसदों को दी। अधिकारी ने यह भी बताया कि अपनी भारत यात्रा के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि अपनी भारत यात्रा के दौरान उन्होंने भारत सरकार से ‘हेग शिखर सम्मेलन’ में भी शामिल होने का अनुरोध किया।

India Will Work Together With America To Resolve Child Abduction Cases :

विदेश मंत्रालय के चिल्ड्रेन्स इशूज ब्यूरो ऑफ कॉन्सुलर अफेयर्स में विशेष सलाहकार सुजैन आई लॉरेंस ने सदन की विदेश मामलों की समिति की अफ्रीका , वैश्विक स्वास्थ्य , वैश्विक मानवाधिकारों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े मामलों की उप समिति को बताया – दोनों देशों में अपहृत बच्चों की तलाश के लिए व्यवहारिक समाधान तलाशने के मद्देनजर भारत हमारे साथ काम करेगा।

इस संबंध में ऐलान करते हुए भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर ने कहा कि दोनों देशों के दो-दो प्रतिनिधि मई महीने में एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे, जिसके बाद इस रक्षा तकनीकी को भारत को स्थानांतरित किया जाएगा। चेन्नै में आयोजित डिफेंस एक्सपो-2018 के दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में लोगों को संबोधित करते हुए जस्टर ने कहा कि अमेरिका भारत को अपने सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक मानता है और दोनों देश मिलकर पूरी दुनिया को एक खास संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध बहुत प्रगाढ़ हैं और यह कुछ रिश्ता काफी लंबे समय तक बना रहने वाला है।

वाशिंगटन। अपहृत बच्चों को तलाश करने के लिए और इनसे जुड़े अन्य मामलों में भारत और अमेरिका साथ मिलकर काम करेंगे । यह जानकारी अमरीका के विदेश मंत्रालय की एक अधिकारी ने आज अमरीकी सांसदों को दी। अधिकारी ने यह भी बताया कि अपनी भारत यात्रा के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि अपनी भारत यात्रा के दौरान उन्होंने भारत सरकार से ‘हेग शिखर सम्मेलन’ में भी शामिल होने का अनुरोध किया।विदेश मंत्रालय के चिल्ड्रेन्स इशूज ब्यूरो ऑफ कॉन्सुलर अफेयर्स में विशेष सलाहकार सुजैन आई लॉरेंस ने सदन की विदेश मामलों की समिति की अफ्रीका , वैश्विक स्वास्थ्य , वैश्विक मानवाधिकारों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े मामलों की उप समिति को बताया - दोनों देशों में अपहृत बच्चों की तलाश के लिए व्यवहारिक समाधान तलाशने के मद्देनजर भारत हमारे साथ काम करेगा।इस संबंध में ऐलान करते हुए भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर ने कहा कि दोनों देशों के दो-दो प्रतिनिधि मई महीने में एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे, जिसके बाद इस रक्षा तकनीकी को भारत को स्थानांतरित किया जाएगा। चेन्नै में आयोजित डिफेंस एक्सपो-2018 के दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में लोगों को संबोधित करते हुए जस्टर ने कहा कि अमेरिका भारत को अपने सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक मानता है और दोनों देश मिलकर पूरी दुनिया को एक खास संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध बहुत प्रगाढ़ हैं और यह कुछ रिश्ता काफी लंबे समय तक बना रहने वाला है।