भारत पर रूस, अमेरिका और अन्य देशों से हुए 4.36 लाख साइबर हमले

भारत पर रूस, अमेरिका और अन्य देशों से हुए 4.36 लाख साइबर हमले
भारत पर रूस, अमेरिका और अन्य देशों से हुए 4.36 लाख साइबर हमले

नई दिल्ली। विश्व पटल पर तकनीक के क्षेत्र में तेजी से उभरता भारत लंबे समय से साइबर अपराधियों का आसान लक्ष्य बना हुआ है। भारत पर 2018 की पहली छमाही में रूस, अमेरिका, चीन और नीदरलैंड्स जैसे देशों की तरफ से 6.95 लाख साइबर हमले हुए। साइबर सिक्युरिटी फर्म एफ-सिक्योर की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इस दौरान भारत में बैठे हैकरों ने जिन देशों पर साइबर हमले किए, उनमें ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड्स, यूके, जापान और यूक्रेन शामिल हैं। हालांकि, भारत की तरफ से साइबर हमलों की कुल संख्या काफी कम 73,482 रही।

India Witnesses Over 4 Point 36 Lakh Cyberattacks From Russia Us And Others :

रूस, चीन, अमेरिका और जर्मनी से हो रहे भारत पर साइबर हमले

इस साल की पहली छमाही में भारत पर कुल 6.95 लाख साइबर हमले हुए हैं। अकेले चीन, रूस, अमेरिका, नीदरलैंड और जर्मनी के साइबर अपराधियों ने भारत में कुल 4.3 लाख साइबर हमले किए हैं। इस दौरान भारत को अपने देश में बैठे साइबर अपराधियों के भी 73 हजार से ज्यादा हमलों का सामना करना पड़ा। साइबर सुरक्षा से जुड़ी फिनलैंड की कंपनी एफ-सिक्योर ने इसका खुलासा किया है।

रुस से है सबसे बड़ा साइबर खतरा

कंपनी की तरफ से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस की तरफ से सबसे ज्यादा 2,55,589 साइबर हमले हुए। अमेरिका में बैठे साइबर अपराधियों ने इस दौरान भारत में अपने लक्ष्य को 103,458 बार निशाना बनाया। चीन से 42,544, नीदरलैंड से 19,169 और जर्मनी से 15,330 साइबर हमले हुए।

ये होते हैं ‘हनीपॉट्स’

‘हनीपॉट्स’ मूल रूप में प्रलोभन देने वाले सर्वर की तरह काम करते हैं, जो किसी कारोबार के सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे का अनुकरण करते हैं। यह हमला करने वालों के लिए होते हैं। यह वास्तविक कंपनियों के सर्वर की तरह दिखते हैं जो आमतौर पर कमजोर होते हैं।एफ-सिक्योर के अनुसार इस तरीके से हमले के तरीकों को करीब से जानने में मदद मिलती है। साथ ही हमलावरों ने सबसे ज्यादा किस को लक्ष्य बनाया, स्रोत क्या रहा, कितनी बार हमला किया और इसके तरीके, तकनीक और प्रक्रिया क्या रही, यह सब जानने में भी मदद मिलती है।

नई दिल्ली। विश्व पटल पर तकनीक के क्षेत्र में तेजी से उभरता भारत लंबे समय से साइबर अपराधियों का आसान लक्ष्य बना हुआ है। भारत पर 2018 की पहली छमाही में रूस, अमेरिका, चीन और नीदरलैंड्स जैसे देशों की तरफ से 6.95 लाख साइबर हमले हुए। साइबर सिक्युरिटी फर्म एफ-सिक्योर की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इस दौरान भारत में बैठे हैकरों ने जिन देशों पर साइबर हमले किए, उनमें ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड्स, यूके, जापान और यूक्रेन शामिल हैं। हालांकि, भारत की तरफ से साइबर हमलों की कुल संख्या काफी कम 73,482 रही।

रूस, चीन, अमेरिका और जर्मनी से हो रहे भारत पर साइबर हमले

इस साल की पहली छमाही में भारत पर कुल 6.95 लाख साइबर हमले हुए हैं। अकेले चीन, रूस, अमेरिका, नीदरलैंड और जर्मनी के साइबर अपराधियों ने भारत में कुल 4.3 लाख साइबर हमले किए हैं। इस दौरान भारत को अपने देश में बैठे साइबर अपराधियों के भी 73 हजार से ज्यादा हमलों का सामना करना पड़ा। साइबर सुरक्षा से जुड़ी फिनलैंड की कंपनी एफ-सिक्योर ने इसका खुलासा किया है।

रुस से है सबसे बड़ा साइबर खतरा

कंपनी की तरफ से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस की तरफ से सबसे ज्यादा 2,55,589 साइबर हमले हुए। अमेरिका में बैठे साइबर अपराधियों ने इस दौरान भारत में अपने लक्ष्य को 103,458 बार निशाना बनाया। चीन से 42,544, नीदरलैंड से 19,169 और जर्मनी से 15,330 साइबर हमले हुए।

ये होते हैं 'हनीपॉट्स'

‘हनीपॉट्स’ मूल रूप में प्रलोभन देने वाले सर्वर की तरह काम करते हैं, जो किसी कारोबार के सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे का अनुकरण करते हैं। यह हमला करने वालों के लिए होते हैं। यह वास्तविक कंपनियों के सर्वर की तरह दिखते हैं जो आमतौर पर कमजोर होते हैं।एफ-सिक्योर के अनुसार इस तरीके से हमले के तरीकों को करीब से जानने में मदद मिलती है। साथ ही हमलावरों ने सबसे ज्यादा किस को लक्ष्य बनाया, स्रोत क्या रहा, कितनी बार हमला किया और इसके तरीके, तकनीक और प्रक्रिया क्या रही, यह सब जानने में भी मदद मिलती है।