वायुसेना प्रमुख की चीन को खरी-खरी, कहा- भारत अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ाता रहेगा

Indian Air Force Chief Targets China

नई दिल्ली| भारतीय वायुसेना प्रमुख अरुप राहा ने अग्नि-5 के परीक्षण पर चीन की चिंताओं को दरकिनार करते हुए उसे खरी खरी सुनाई है| उन्होंने कहा कि भारत अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ा रहा है लेकिन ये पूरी तरह से नियमों के तहत है और किसी देश विशेष को निशाना बनाकर नहीं है| हम शांति में विश्वास करते हैं| राहा ने चीन का नाम लिए बगैर कहा कि दुश्मन के यहां अंदर तक वार करने की क्षमता का निर्माण करना जरुरी है जो प्रतिरोध का काम करेगी| उन्होंने कहा कि इन बातों पर तब तक किसी को नहीं बोलना चाहिये जब तक कि परमाणु जैसी बात न हो|




बता दें कि चीन, भारत की अग्नि 5 मिसाइल से इतना घबराया हुआ है कि उसने यूएन के सामने भारतीय मिसाइल कार्यक्रम का मुद्दा उठाने की धमकी दी है| दरअसल, चीन ने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पर सवाल खड़े किए थे जिसमें कहा गया था कि मिसाइल का निर्माण चीन की धरती को टारगेट करने के लिए किया गया है| हालांकि, भारत ने साफ कर दिया है भारत की परमाणु क्षमताएं किसी देश के खिलाफ लक्षित नहीं हैं|

चीन ने मंगलवार को कहा कि वह इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने उठाएगा| चीन सुरक्षा परिषद के 5 स्थाई सदस्यों में से एक है| चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि भारत नाभिकीय आयुध ले जाने वाली बलिस्टिक मिसाइल बना सकता है या नहीं, इस संबंध में सुरक्षा परिषद के स्पष्ट नियम हैं| हुआ चुनयिंग ने कहा कि इस संबंध में भारत से पूछा जाना चाहिए कि परीक्षण के पीछे उनका क्या उद्देश्य है|




गौरतलब है कि परमाणु क्षमता वाली अग्नि-5 मिसाइल 5,000 किलोमीटर की दूरी तक वार कर सकती है| यह मिसाइल चीन के किसी भी हिस्से को निशाना बनाने में सक्षम है| इस मिसाइल के साथ ही भारत 5,000 से 5,5000 किलोमीटर की दूरी तक वार करने वाले बलिस्टिक मिसाइलों से लैस देशों के ग्रुप में शामिल हो जाएगा| अभी यह क्षमता अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों के ही पास है| यह मिसाइल 17 मीटर लंबी, 2 मीटर चौड़ी है और इसका वजन 50 टन है| इस मिसाइल को एक लॉन्चर ट्रक पर रखे कनस्तर से भी छोड़ा जा सकता है| जिससे यह मिसाइल और भी खतरनाक बन जाती है क्योंकि इससे सेना को 50 टन वजनी मिसाइल को कहीं से भी छोड़ने की सहूलियत मिलती है|

नई दिल्ली| भारतीय वायुसेना प्रमुख अरुप राहा ने अग्नि-5 के परीक्षण पर चीन की चिंताओं को दरकिनार करते हुए उसे खरी खरी सुनाई है| उन्होंने कहा कि भारत अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ा रहा है लेकिन ये पूरी तरह से नियमों के तहत है और किसी देश विशेष को निशाना बनाकर नहीं है| हम शांति में विश्वास करते हैं| राहा ने चीन का नाम लिए बगैर कहा कि दुश्मन के यहां अंदर तक वार करने की क्षमता का निर्माण करना जरुरी…