अभिनंदन के 51 स्क्वॉर्डन को मिलेगा सम्मान, PAK के F16 को मार गिराया था

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Balakot Air Strike: अभिनंदन के 51 स्क्वॉर्डन को मिलेगा सम्मान, PAK के F16 को मार गिराया था

नई दिल्ली। वायुसेना बालाकोट एयर स्‍ट्राइक (Balakot aerial strikes) के बाद पाकिस्‍तानी विमानों के हमले को विफल करने वाले जांबाज पायलटों की स्कवॉड्रनों को सम्‍मानित करेगी। मिली जानकारी के अनुसार वायुसेना जिन स्क्वॉड्रन को सम्मानित करेगा उनमें विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की 51वीं स्क्वॉड्रन और बालाकोट में एयर स्ट्राइक को अंजाम देने वाले मिराज -2000 लड़ाकू विमानों का स्क्वॉड्रन नंबर 9 भी शामिल है। इन सभी जाबांजों को वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के हाथों सम्मान पत्र मिलेगा।  

Indian Air Force Will Facilitate 51 Squadron For Balakot Air Strike :

इसी स्क्वॉर्डन के मिराज 2000 फाइटर जेट ने जैश के ठिकानों को जमींदोज कर दिया था। इतना ही नहीं बालाकोट हवाई हमला और फिर उसके अगले दिन पाकिस्तान के साथ आसमानी एरियल फाइट में अहम भूमिका निभाने के लिए स्क्वॉर्डन लीडर मितीं अग्रवाल के 601 सिग्नल यूनिट को भी सम्मानित किये जाने की घोषणा की गई है।

पुलवामा हमले के बाद हुई थी एयर स्‍ट्राइक

बीते 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसमें पाकिस्‍तानी आतंकी संगठनों का हाथ पाया गया था। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्‍तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्‍मद के सबसे बड़े आतंकी ठिकाने पर एयर स्‍ट्राइक की थी। इस एयर स्‍ट्राइक को मिराज 2000 विमानों (Mirage 2000 fighter aircraft) की नौवीं स्‍क्वाडर्न (number 9 squadron) ने अंजाम दिया था। इस एयर स्‍ट्राइक में आतंकियों का यह ठिकाना ध्‍वस्‍ता हो गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत की इस कार्रवाई में बड़ी संख्‍या में आतंकी भी मारे गए थे।  

अभिनंदन ने मार गिराया था एफ-16 फाइटर जेट

भारतीय एयर फोर्स की इस ऐतिहासिक और निर्णायक कार्रवाई के बाद पाकिस्‍तानी फौज में खलबली मच गई थी। इसके बाद बौखलाई पाकिस्‍तानी एयर फोर्स ने 27 फरवरी को अपने एफ-16 विमानों को भारतीय क्षेत्र में बमबारी के लिए भेजा था। उस वक्‍त भारतीय वायुसेना के विमानों ने पाकिस्‍तानी एयरफोर्स के मंसूबों को नाकाम कर दिया था। भारतीय एयर फोर्स की 51वीं स्क्वाड्रन (51 Squadron) के जांबाज पायलट अभिनंदन वर्तमान ने पाकिस्‍तानी विमानों का पीछा करते हुए उनमें से एक एफ-16 फाइटर प्लेन को मार गिराया था। हालांकि, इस कोशिश में वह सीमा पार करके पाकिस्‍तानी क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे।

नई दिल्ली। वायुसेना बालाकोट एयर स्‍ट्राइक (Balakot aerial strikes) के बाद पाकिस्‍तानी विमानों के हमले को विफल करने वाले जांबाज पायलटों की स्कवॉड्रनों को सम्‍मानित करेगी। मिली जानकारी के अनुसार वायुसेना जिन स्क्वॉड्रन को सम्मानित करेगा उनमें विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की 51वीं स्क्वॉड्रन और बालाकोट में एयर स्ट्राइक को अंजाम देने वाले मिराज -2000 लड़ाकू विमानों का स्क्वॉड्रन नंबर 9 भी शामिल है। इन सभी जाबांजों को वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के हाथों सम्मान पत्र मिलेगा।   इसी स्क्वॉर्डन के मिराज 2000 फाइटर जेट ने जैश के ठिकानों को जमींदोज कर दिया था। इतना ही नहीं बालाकोट हवाई हमला और फिर उसके अगले दिन पाकिस्तान के साथ आसमानी एरियल फाइट में अहम भूमिका निभाने के लिए स्क्वॉर्डन लीडर मितीं अग्रवाल के 601 सिग्नल यूनिट को भी सम्मानित किये जाने की घोषणा की गई है। पुलवामा हमले के बाद हुई थी एयर स्‍ट्राइक बीते 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसमें पाकिस्‍तानी आतंकी संगठनों का हाथ पाया गया था। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्‍तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्‍मद के सबसे बड़े आतंकी ठिकाने पर एयर स्‍ट्राइक की थी। इस एयर स्‍ट्राइक को मिराज 2000 विमानों (Mirage 2000 fighter aircraft) की नौवीं स्‍क्वाडर्न (number 9 squadron) ने अंजाम दिया था। इस एयर स्‍ट्राइक में आतंकियों का यह ठिकाना ध्‍वस्‍ता हो गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत की इस कार्रवाई में बड़ी संख्‍या में आतंकी भी मारे गए थे।   अभिनंदन ने मार गिराया था एफ-16 फाइटर जेट भारतीय एयर फोर्स की इस ऐतिहासिक और निर्णायक कार्रवाई के बाद पाकिस्‍तानी फौज में खलबली मच गई थी। इसके बाद बौखलाई पाकिस्‍तानी एयर फोर्स ने 27 फरवरी को अपने एफ-16 विमानों को भारतीय क्षेत्र में बमबारी के लिए भेजा था। उस वक्‍त भारतीय वायुसेना के विमानों ने पाकिस्‍तानी एयरफोर्स के मंसूबों को नाकाम कर दिया था। भारतीय एयर फोर्स की 51वीं स्क्वाड्रन (51 Squadron) के जांबाज पायलट अभिनंदन वर्तमान ने पाकिस्‍तानी विमानों का पीछा करते हुए उनमें से एक एफ-16 फाइटर प्लेन को मार गिराया था। हालांकि, इस कोशिश में वह सीमा पार करके पाकिस्‍तानी क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे।