भारतीय वायुसेना करने जा रही दुनिया की सबसे बड़ी डील, जानिये पूरा मामला

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भारतीय वायुसेना करने जा रही दुनिया की सबसे बड़ी डील, जानिये पूरा मामला
दिल्ली। भारतीय वायुसेना वैसे तो पूरी ​दुनिया में अपनी ताकत का लोहा मनवा चुकी हैं, लेकिन उसकी ताकत में कई गुना ज्यादा इजाफा करने का सरकार ने फैसला किया है। दहरअसल सरकार वायुसेना को और मजबूत बनाने के लिए सौ नए फाइटर विमान खरीदने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो सरकार ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी चालू कर ​कर ​दी है। बताया जा रहा है कि अगर सरकार सौ नए लड़ाकू विमान खरीदती हैं तो ये डील…

दिल्ली। भारतीय वायुसेना वैसे तो पूरी ​दुनिया में अपनी ताकत का लोहा मनवा चुकी हैं, लेकिन उसकी ताकत में कई गुना ज्यादा इजाफा करने का सरकार ने फैसला किया है। दहरअसल सरकार वायुसेना को और मजबूत बनाने के लिए सौ नए फाइटर विमान खरीदने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो सरकार ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी चालू कर ​कर ​दी है।

बताया जा रहा है कि अगर सरकार सौ नए लड़ाकू विमान खरीदती हैं तो ये डील दुनिया की सबसे बड़ी डील होगी।
ये फैसला ​सरकार ने चीन और पाकिस्तान के बीच आए दिन बढ़ रहे तनाव को देखते हुए लिया है। सरकार का मामना है कि अगर वायुसेना के पास मौजूद लड़ाकू विमानों के खेमें में सौ और फाइटर विमान शामिल हो जाते हैं तो इससे उसकी ताकत में कई गुना ज्यादा इजाफा हो जाएगा। केन्द्र सरकार ने इसके लिए दुनियाभर की एयरक्राफ्ट कंपनियों से आवेदन मांगे हैं।

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आपकों बता दें कि टेंडर प्रक्रिया की पूरी जानकारी के लिए रक्षा म़ंत्रालय ने वेबसाइट पर रिक्वेस्ट फार इन्फारमेशन (आरएफआई) जारी किया है। बताया जा रहा है कि बीते कई वर्षों में दुनिया के किसी भी देश ने इतना बड़ा रक्षा सौदा नही किया है। अगर ये प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है तो ये दुनिया की सबसे बड़ी डील होगी।

बतां दे कि केन्द्र सरकार जितने भी लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला किया है, उसमें से सिर्फ 15 फीसदी ही विदेशी कंपनियों से लेगी। बाकि 85 फीसदी विमान देश में ही तैयार किए जाएंगे। ये कदम मेक इन इंडिया के तहत उठाया गया हैं। वही केन्द्र सरकार ने भारतीय कंपनियों को ये छूट भी दी है कि वो इस बड़े प्रोजेक्ट में किसी भी विदेशी कंपनी से करार कर सकती है।

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बता दें कि सेना के पास कुल 42 42 स्क्वाड्रन रखने की परमिशन है, इसके बावजूद भी इस समय कुल 31 स्क्वाड्रन ही सक्रिय है। एक स्क्वाड्रन में 16 से 18 विमान होते है। सरकार ने वायुसेना को इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए इतनी भारी मात्रा में लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला लिया है।

आपकों बता दें कि इससे पहले 2016 में मोदी सरकार ने पचास हजार करोड़ रूपए के 36 राफेल विमान खरीदने का फैसला किया था, लेकिन विपक्षी दलों ने इस डील पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया। जिसकी वहज से इस डील में देरी हो गई।

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