ईरान-यूएस विवाद पर भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर को मजाक करना पड़ा भारी, कॉलेज ने नौकरी से निकाला

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ईरान-यूएस विवाद पर भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर को मजाक करना पड़ा भारी, कॉलेज ने नौकरी से निकाला

नई दिल्ली। एक भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर (Indian-American Professor) को ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद को लेकर फेसबुक पर मजाक करना भारी पड़ गया। प्रोफेसर आशीव फांसे ने फेसबुक पर लिखा कि ईरान को भी अमेरिका में हमले के लिए 52 ठिकाने चुन लेने चाहिए। उन्होंने कुछ जगहों के नाम भी बताए। इस मजाक के लिए बैबसॉन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को नौकरी से निकाल दिया गया।  

Indian American Professor Joked Over Iran Us Dispute College Expelled :

अशीन द्वारा फेसबुक पर किए गए इस मजाक को लोगों ने एक खतरे के रूप में देखा। इसके लिए अशीन फांसे कॉलेज प्रशासन से माफी भी मांग चुके हैं। हालांकि, प्रोफेसर अशीन का यह पोस्ट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए एक ट्वीट की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए उस ट्वीट में कहा गया था कि “ईरान और ईरानी संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण स्थानों को टारगेट किया जाना चाहिए”।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अशीन फांसे ने अपने फेसबुक पर लिखा था, “ईरान को भी यूएस के 52 स्थानों को बॉम्ब से उड़ाने के लिए चुन लेना चाहिए, जिसमें मिनेसोटा का मॉल ऑफ अमेरिका, या फिर कारदर्शियन्स का घर आदि शामिल हो”। बता दें, अशीन फांसे, बैबसन कॉलेज में डायरेक्टर ऑफ सस्टेनिबिलिटी के तौर पर कार्यरत थे। यह कॉलेज बॉस्टन से 20 किलोमीटर दूर वेलेस्ले में स्थित है।

मेरे मजाक को लोगों ने गलत तरीके से लिया: आशीन

वह बॉबसन कॉलेज में सस्टेनेबेलिटी विभाग के निदेशक थे। उन्होंने कहा कि लोगों ने मेरे मजाक को गलत तरीके से लिया। मुझे उम्मीद थी कि कॉलेज मेरा साथ देगा और स्वतंत्र रूप से बोलने के अधिकार को समझेगा। हालांकि, कॉलेज ने कहा कि वह किसी भी तरह के हमले या धमकी भरे शब्दों की निंदा करता है।

नई दिल्ली। एक भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर (Indian-American Professor) को ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद को लेकर फेसबुक पर मजाक करना भारी पड़ गया। प्रोफेसर आशीव फांसे ने फेसबुक पर लिखा कि ईरान को भी अमेरिका में हमले के लिए 52 ठिकाने चुन लेने चाहिए। उन्होंने कुछ जगहों के नाम भी बताए। इस मजाक के लिए बैबसॉन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को नौकरी से निकाल दिया गया।   अशीन द्वारा फेसबुक पर किए गए इस मजाक को लोगों ने एक खतरे के रूप में देखा। इसके लिए अशीन फांसे कॉलेज प्रशासन से माफी भी मांग चुके हैं। हालांकि, प्रोफेसर अशीन का यह पोस्ट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए एक ट्वीट की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए उस ट्वीट में कहा गया था कि "ईरान और ईरानी संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण स्थानों को टारगेट किया जाना चाहिए"। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अशीन फांसे ने अपने फेसबुक पर लिखा था, "ईरान को भी यूएस के 52 स्थानों को बॉम्ब से उड़ाने के लिए चुन लेना चाहिए, जिसमें मिनेसोटा का मॉल ऑफ अमेरिका, या फिर कारदर्शियन्स का घर आदि शामिल हो"। बता दें, अशीन फांसे, बैबसन कॉलेज में डायरेक्टर ऑफ सस्टेनिबिलिटी के तौर पर कार्यरत थे। यह कॉलेज बॉस्टन से 20 किलोमीटर दूर वेलेस्ले में स्थित है। मेरे मजाक को लोगों ने गलत तरीके से लिया: आशीन वह बॉबसन कॉलेज में सस्टेनेबेलिटी विभाग के निदेशक थे। उन्होंने कहा कि लोगों ने मेरे मजाक को गलत तरीके से लिया। मुझे उम्मीद थी कि कॉलेज मेरा साथ देगा और स्वतंत्र रूप से बोलने के अधिकार को समझेगा। हालांकि, कॉलेज ने कहा कि वह किसी भी तरह के हमले या धमकी भरे शब्दों की निंदा करता है।