चीन को मुंहतोड़ जवाब देने को भारत तैयार, सीमा पर तैनात की ब्रह्मोस और होवित्जर मिसाइलें

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चीन को मुंहतोड़ जवाब देने को भारत तैयार, सीमा पर तैनात किया ब्रह्मोस और होवित्जर मिसाइलें

अरुणाचल प्रदेश। भारत ने चीन की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके दिबांग, दाऊ-डेलाई और लोहित घाटी में सैन्य जवानों की संख्या और गश्त बढ़ा दी है। इसके साथ ही तिब्बत क्षेत्र में चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीमा पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है भारत ने तिब्बत में अपनी ताकत और बढ़ा दी है।

Indian Army Increased Strength At Tibbat China Border Brahmos Missile :

चीन के तिब्बती क्षेत्र की सीमाओं पर अरुणाचल सेक्टर के दिबांग, दाऊ देलाई और लोहित घाटियों में और अधिक भारतीय सैनिकों को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा इस इलाके में गश्त भी बढ़ा दी गई है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि भारत सामरिक रूप से संवेदनशील तिब्बती क्षेत्र में अपनी अपनी ताकत और बढ़ा रहा है। इस इलाके में निगरानी के लिए पहले से ही हेलिकॉप्टर तैनात किए जाते रहे हैं।

अरुणाचल में उतारे ब्रह्मोस और होवित्जर मिसाइल

भारत ने पूर्वी लद्दाख और सिक्किम में टी-72 टैंकों की तैनाती की है, जबकि अरुणाचल में ब्रह्मोस मिसाइलों और होवित्जर तोपों की तैनाती कर चीन के सामने शक्ति प्रदर्शन किया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर में सुखोई-30 एमकेआई स्क्वेड्रन्स को भी उतारा गया है। बीते साल सर्दियों में चीनी सैनिकों के उत्तरी डोकलाम डेरा जमाने की घटना के बाद से भारतीय सेना ने यह बड़ा बदलाव और तैनाती की है।

2017 में चीन ने 426 बार की घुसपैठ

विस्तारवादी और आक्रामक चीन अकसर सीमा पर घुसपैठ कर जोर-आजमाइश करता रहता है। बीते साल की बात करें तो चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने 426 बार घुसपैठ की थी। इनमें से करीब आधी बार दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आ गए थे। 2016 में यह आंकड़ा 273 का था, लेकिन बीते सालों में चीन की आक्रामकता लगातार बढ़ती जा रही है।

अरुणाचल प्रदेश। भारत ने चीन की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके दिबांग, दाऊ-डेलाई और लोहित घाटी में सैन्य जवानों की संख्या और गश्त बढ़ा दी है। इसके साथ ही तिब्बत क्षेत्र में चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीमा पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है भारत ने तिब्बत में अपनी ताकत और बढ़ा दी है।चीन के तिब्बती क्षेत्र की सीमाओं पर अरुणाचल सेक्टर के दिबांग, दाऊ देलाई और लोहित घाटियों में और अधिक भारतीय सैनिकों को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा इस इलाके में गश्त भी बढ़ा दी गई है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि भारत सामरिक रूप से संवेदनशील तिब्बती क्षेत्र में अपनी अपनी ताकत और बढ़ा रहा है। इस इलाके में निगरानी के लिए पहले से ही हेलिकॉप्टर तैनात किए जाते रहे हैं।

अरुणाचल में उतारे ब्रह्मोस और होवित्जर मिसाइल

भारत ने पूर्वी लद्दाख और सिक्किम में टी-72 टैंकों की तैनाती की है, जबकि अरुणाचल में ब्रह्मोस मिसाइलों और होवित्जर तोपों की तैनाती कर चीन के सामने शक्ति प्रदर्शन किया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर में सुखोई-30 एमकेआई स्क्वेड्रन्स को भी उतारा गया है। बीते साल सर्दियों में चीनी सैनिकों के उत्तरी डोकलाम डेरा जमाने की घटना के बाद से भारतीय सेना ने यह बड़ा बदलाव और तैनाती की है।

2017 में चीन ने 426 बार की घुसपैठ

विस्तारवादी और आक्रामक चीन अकसर सीमा पर घुसपैठ कर जोर-आजमाइश करता रहता है। बीते साल की बात करें तो चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने 426 बार घुसपैठ की थी। इनमें से करीब आधी बार दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आ गए थे। 2016 में यह आंकड़ा 273 का था, लेकिन बीते सालों में चीन की आक्रामकता लगातार बढ़ती जा रही है।