पाकिस्‍तानी सेना की फायरिंग में मेजर और तीन सैनिक शहीद

जम्मू के राजौरी सेक्टर के केरी में एलओसी पर पाक फायरिंग में एक मेजर और तीन जवान शहीद हो गए. सेना के सूत्रों ने बताया कि इसके पीछे पाकिस्‍तान की बॉर्डर एक्‍शन टीम यानी बैट का हाथ है.

सूत्रों के अनुसार जवानों के शवों के साथ बर्बरता भी की गई. पाकिस्‍तानी सैनिक नियंत्रण रेखा के 400 मीटर भीतर तक घुस आए और भारतीय सैनिकों को निशाना बनाया. आपको ये बता दे पाक की बॉर्डर एक्शन टीम यानी कि बैट ऐसी टीम है जिसमें पाक सेना और आतंकी दोनों होते हैं.

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इनका काम मौका मिलते ही एलओसी पर भारतीय सेना के जवानों पर घात लगाकर हमला करना होता है. सीमा पर जितने भी जवानों के शव के साथ छेड़छाड़ हुई है उसके पीछे बैट का ही हाथ होता है.

पाकिस्‍तानी हमले में सेना के मेजर मोहरकार प्रफुल्ल अंबादास, लांस नायक गुरमेल सिंह, लांस नायक कुलदीप सिंह और सिपाही परगट सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए जिनकी बाद में मृत्यु हो गई. इस दौरान एक अन्‍य जवान भी घायल हो गया. घायल जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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32 साल के मेजर अंबादास महाराष्ट्र के भंडारा जिले के रहने वाले थे. ये अपने पीछे अपनी पत्नी श्रीमती अवोली मोहरकार छोड़ गए हैं. 34 साल के लांस नायक गुरमैल सिंह पंजाब के अमृतसर के रहने वाले थे. ये अपने पीछे अपनी पत्नी कुलजीत कौर और एक बेटी छोड़ गए हैं. 30 साल के लांस नायक कुलदीप सिंह पंजाब के भटिंडा के गांव कॉरेणा के रहने वाले थे. ये अपने पीछे पत्नी जसप्रीत कौर और एक बेटा और एक बेटी छोड़ गये हैं. 30 साल के सिपाही परगट सिंह हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले थे. ये अपने पीछे अपनी पत्नी श्रीमती रमनप्रीत कौर और एक बेटा छोड़ गए हैं.

मेजर मोहरकार प्रफुल्ल अंबादास, लांस नायक गुरमैल सिंह और सिपाही परगट सिंह सेना के बहादुर और समर्पित सैनिक थे. देश हमेशा इनके सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्य के प्रति समपर्ण को याद रखेगा.

इस साल अब तक जम्मू कश्मीर में करीब 80 जवानों की मौत हुई है. ये मौत आतंक विरोधी अभियान से लेकर एलओसी पर और हिमस्‍खलन में हुई हैं.

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