जम्मू-कश्मीर : 48 घंटे पहले इंजीनियर से आतंकी बने युवक को सेना ने मार गिराया

jammu kashmir encounter
जम्मू-कश्मीर : 48 घंटे पहले इंजीनियर से आतंकी बने युवक को सेना ने मार गिराया

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर मे एक बुजर्ग दम्पति ने एक अपने बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना देखा था। उन दोनों ने कभी सपने में भी नही सोंचा था कि उनका लाडला एक दिए आतंक की राह पर चला जाएगा। लेकिन ऐसा ही हुआ। बीते दिनों, उनका बेटा घर से कश्‍मीर एडमिनिस्‍ट्रेटिव सर्विस का फार्म जमा करने की बात कह कर घर से निकल गया, जिसके बाद वह तो वापस नहीं आया। तभी पड़ोसी ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर दिखाते हुए बेटे के आतंकी बनने की सूचना दी।

Indian Army Shot Down Twi Terrerist At Jammu Kashmir :

बाद में बुजुर्ग दम्पति ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें वो आतंकी संगठन से अपने बेटे को वापस करने की फरियाद कर रही थी। आतंकी बने युवक के भाई ने भी मां की बीमारी की गंभीर बीमारी का हवाला दिया था। इस वीडियो को देखने के बाद न ही आतंकी संगठन को कोई फर्क पड़ा और न ही बेटे को अपनी बिलखती मां पर तरस आया।

बता दें कि खुर्शीद मूल रूप से जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामां इलाके का रहने वाला है। बीते कुछ दिनों पहले तक खुर्शीद बी.टेक का छात्र था, लेकिन 1 अगस्‍त को उसने अमन का रास्‍ता छोड़ आतंक के रास्ते पर चल पड़ा। मोहल्‍ले में रहने वाले एक शख्‍स ने सोशल मीडिया में आई इस खबर के बाबत खुर्शीद के पिता गुलाम नवी मलिक को दी थी। इसके बाद पुलिस स्‍टेशन से गुलाम नवी के पास ​फोन आया, जिसमें बेटे के आतंकी बनने की बात बताई गई। बेटे के आतंकी बनने की खबर मिलने के बाद न केवल गुलाम नवी बल्कि उनकी पत्‍नी का बुरा हाल हो गया।

सुरक्षाबल से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को सोपोर के ड्रुसू गांव में कुछ आतंकी छिपे होने की सूचना मिली थीं। जिस पर सीआरपीएफ की 179 बटालियन, 29 राष्‍ट्रीय राइफल्‍स और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस की स्‍पेशल ऑपरेशन स्‍क्‍वायड ने उस घर की घेराबंदी की। पहले तो सुरक्षाबलों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन आतंकियों ने गोलीबारी शुरु कर दी। जिसके जवाब में सुरक्षाबलों की तरफ से जवाबी कार्रवाई शुरू की गई और दो आतंकियों को मार गिराया गया, जिसमें खुर्शीद भी शामिल था। हालाकि सुरक्षाबलों ने पहचान की पुष्टि नहीं की है।

 

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर मे एक बुजर्ग दम्पति ने एक अपने बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना देखा था। उन दोनों ने कभी सपने में भी नही सोंचा था कि उनका लाडला एक दिए आतंक की राह पर चला जाएगा। लेकिन ऐसा ही हुआ। बीते दिनों, उनका बेटा घर से कश्‍मीर एडमिनिस्‍ट्रेटिव सर्विस का फार्म जमा करने की बात कह कर घर से निकल गया, जिसके बाद वह तो वापस नहीं आया। तभी पड़ोसी ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर दिखाते हुए बेटे के आतंकी बनने की सूचना दी।बाद में बुजुर्ग दम्पति ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें वो आतंकी संगठन से अपने बेटे को वापस करने की फरियाद कर रही थी। आतंकी बने युवक के भाई ने भी मां की बीमारी की गंभीर बीमारी का हवाला दिया था। इस वीडियो को देखने के बाद न ही आतंकी संगठन को कोई फर्क पड़ा और न ही बेटे को अपनी बिलखती मां पर तरस आया।बता दें कि खुर्शीद मूल रूप से जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामां इलाके का रहने वाला है। बीते कुछ दिनों पहले तक खुर्शीद बी.टेक का छात्र था, लेकिन 1 अगस्‍त को उसने अमन का रास्‍ता छोड़ आतंक के रास्ते पर चल पड़ा। मोहल्‍ले में रहने वाले एक शख्‍स ने सोशल मीडिया में आई इस खबर के बाबत खुर्शीद के पिता गुलाम नवी मलिक को दी थी। इसके बाद पुलिस स्‍टेशन से गुलाम नवी के पास ​फोन आया, जिसमें बेटे के आतंकी बनने की बात बताई गई। बेटे के आतंकी बनने की खबर मिलने के बाद न केवल गुलाम नवी बल्कि उनकी पत्‍नी का बुरा हाल हो गया।सुरक्षाबल से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को सोपोर के ड्रुसू गांव में कुछ आतंकी छिपे होने की सूचना मिली थीं। जिस पर सीआरपीएफ की 179 बटालियन, 29 राष्‍ट्रीय राइफल्‍स और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस की स्‍पेशल ऑपरेशन स्‍क्‍वायड ने उस घर की घेराबंदी की। पहले तो सुरक्षाबलों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन आतंकियों ने गोलीबारी शुरु कर दी। जिसके जवाब में सुरक्षाबलों की तरफ से जवाबी कार्रवाई शुरू की गई और दो आतंकियों को मार गिराया गया, जिसमें खुर्शीद भी शामिल था। हालाकि सुरक्षाबलों ने पहचान की पुष्टि नहीं की है।