पुलवामा हमले के बाद जैसे हालात से निपटने के लिए भारत US से खरीदेगा खास हथियार

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पुलवामा हमले के बाद जैसे हालात से निपटने के लिए भारत US से खरीदेगा खास हथियार

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में फरवरी में हुए हमले को अब तक का सबसे बड़ा आत्मघाती हमला माना जाता है। भविष्य में इन हमलों को रोकने के लिए भारतीय सेना अपनी ताकत को और मजबूत करने की तैयारी में है। दरअसल, घनी आबादी में भी दूसरों को नुकसान पहुंचाए बिना दुश्मन पर सटीक हमले के लिए भारतीय सेना अमेरिका से खास किस्म का गोला खरीदने जा रही है।

Indian Army Will Buy Howitzer Ammunition For Precision Strikes For Long Distances :

हाल ही में संपन्न एक बैठक में सेना के अधिकारियों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अमेरिका से गाइडेड गोला-बारूद खरीदे जाने की जानकारी दी। इसके साथ ही सेना ने अमेरिका निर्मित एम-777 अत्यंत हल्की होवित्जर तोप भी अपने बेड़े शामिल करना शुरू कर दिया है, जिससे एक्सकैलिबर गोलों को दागा जा सकता है। सेना टैंक-रोधी गाइडेड मिसाइल स्पाइक खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुकी है।

सरकारी सूत्रों ने बताया, ‘भारतीय सेना आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत अमेरिका से ऐक्सकैलिबर आर्टिलरी ऐम्यनिशन खरीदने की योजना बना रही है।’ हथियार प्रणालियों और गोला-बारूद खरीदने के लिए मिले आपातकालीन अधिकारों के तहत इस खरीद की समीक्षा की जा रही है, जिससे भविष्य में पुलवामा हमले के बाद बनी स्थिति के लिए तैयारी पुख्ता की जा सके। यह गोला-बारूद नियंत्रण रेखा पर तैनात यूनिटों के लिए खरीदा जा रहा है जहां पाकिस्तान गोलाबारी करता रहता है।

50 किमी दूर से निशाना, बंकर भी होगा तबाह

यह बम हवा में और बंकर जैसे मजबूत ढांचे में घुसने के बाद भी धमाका कर सकता है। हाल में हुई एक बैठक में सेना ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अमेरिका से इस गाइडेड ऐम्यनिशन की खरीद की योजना के बारे में जानकारी दी थी, जो GPS सिस्टम का इस्तेमाल कर 50 किमी की दूरी से ही दुश्मन के ठिकाने को तबाह कर सकता है।

अफगानिस्तान युद्ध के दौरान किया गया था विकसित

उल्लेखनीय है कि एक्सकैलिबर गोला-बारूद को अमेरिका ने अफगानिस्तान युद्ध में सटीक निशाना साधने के लिए विकसित किया था, जहां वह करीब दो दशकों तक युद्ध लड़ता रहा। इन गोला बारूद का इस्तेमाल हवा के साथ-साथ बंकर जैसे मजबूत ढांचों को भी तबाह करने में किया जा सकता है।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में फरवरी में हुए हमले को अब तक का सबसे बड़ा आत्मघाती हमला माना जाता है। भविष्य में इन हमलों को रोकने के लिए भारतीय सेना अपनी ताकत को और मजबूत करने की तैयारी में है। दरअसल, घनी आबादी में भी दूसरों को नुकसान पहुंचाए बिना दुश्मन पर सटीक हमले के लिए भारतीय सेना अमेरिका से खास किस्म का गोला खरीदने जा रही है। हाल ही में संपन्न एक बैठक में सेना के अधिकारियों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अमेरिका से गाइडेड गोला-बारूद खरीदे जाने की जानकारी दी। इसके साथ ही सेना ने अमेरिका निर्मित एम-777 अत्यंत हल्की होवित्जर तोप भी अपने बेड़े शामिल करना शुरू कर दिया है, जिससे एक्सकैलिबर गोलों को दागा जा सकता है। सेना टैंक-रोधी गाइडेड मिसाइल स्पाइक खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुकी है। सरकारी सूत्रों ने बताया, 'भारतीय सेना आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत अमेरिका से ऐक्सकैलिबर आर्टिलरी ऐम्यनिशन खरीदने की योजना बना रही है।' हथियार प्रणालियों और गोला-बारूद खरीदने के लिए मिले आपातकालीन अधिकारों के तहत इस खरीद की समीक्षा की जा रही है, जिससे भविष्य में पुलवामा हमले के बाद बनी स्थिति के लिए तैयारी पुख्ता की जा सके। यह गोला-बारूद नियंत्रण रेखा पर तैनात यूनिटों के लिए खरीदा जा रहा है जहां पाकिस्तान गोलाबारी करता रहता है। 50 किमी दूर से निशाना, बंकर भी होगा तबाह यह बम हवा में और बंकर जैसे मजबूत ढांचे में घुसने के बाद भी धमाका कर सकता है। हाल में हुई एक बैठक में सेना ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अमेरिका से इस गाइडेड ऐम्यनिशन की खरीद की योजना के बारे में जानकारी दी थी, जो GPS सिस्टम का इस्तेमाल कर 50 किमी की दूरी से ही दुश्मन के ठिकाने को तबाह कर सकता है। अफगानिस्तान युद्ध के दौरान किया गया था विकसित उल्लेखनीय है कि एक्सकैलिबर गोला-बारूद को अमेरिका ने अफगानिस्तान युद्ध में सटीक निशाना साधने के लिए विकसित किया था, जहां वह करीब दो दशकों तक युद्ध लड़ता रहा। इन गोला बारूद का इस्तेमाल हवा के साथ-साथ बंकर जैसे मजबूत ढांचों को भी तबाह करने में किया जा सकता है।