वॉट्सऐप को तीसरा नोटिस भेजने की तैयारी में है सरकार, लग सकता है बैन

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वॉट्सऐप को तीसरा नोटिस भेजने की तैयारी में है सरकार, लग सकता है बैन

नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने वॉट्सऐप को तीसरा नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है। भारत सरकार ने वॉट्सऐप से मैसेजेस ट्रैक करने की अनुमति देने के लिए कहा था। लेकिन वॉट्सऐप ने गोपनीयता का हवाला देते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय कंपनी को एक और आधिकारिक पत्र भेजने की तैयारी कर रहा है।

Indian Government Will Ban Whatsapp In Country If The App Doesnt Find A Way To Trace Hoaxes :

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस मसले पर आंतरिक चर्चा हुई थी और अगले 7-10 दिनों में वॉट्सऐप को तीसरा नोटिस भेजा जा सकता है। मंत्रालय का मानना है कि संदेश के मूल प्रेषक का पता लगाने के लिए कोई तकनीकी हल खोजा जा सकता है। इससे ‘एंड टू एंड इनक्रिप्शन’ पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर ऐसे संदेश के मूल प्रेषक का पता लगाया जा सके जिसे बहुत कम समय में बहुत से यूजर्स को भेजा गया हो।

दरसअल, भारत में वॉट्सऐप के जरिए फेक न्यूज और अफवाहें फैलने के बाद लिंचिंग जैसी घटनाएं तक सामने आ चुकी हैं। वॉट्सऐप के सीईओ क्रिस डैनियल ने कुछ समय पहले केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से दिल्ली में मुलाकात थी। इस मुलाकात के दौरान सरकार ने वॉट्सऐप से अफवाहों को रोकने, पॉर्न और फेक न्यूज पर लगाम के लिए तकनीकी समाधान ढूंढने को कहा था।

ये हैं सरकार की शर्तें-

  • वॉट्सऐप पर फेक न्यूज और अफवाहों को रोका जाए।
  • ऐसी खबरों के लिए प्रभावी समाधान निकाला जाये।
  • भारत में काम करने के लिए कार्यालय बनाया जाए।
  • फर्जी संदेश की ओरिजिन का पता लगाने के लिए तकनीकी समाधान तलाशें और शिकायत निपटारे के लिए अधिकारी नियुक्त करें।
नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने वॉट्सऐप को तीसरा नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है। भारत सरकार ने वॉट्सऐप से मैसेजेस ट्रैक करने की अनुमति देने के लिए कहा था। लेकिन वॉट्सऐप ने गोपनीयता का हवाला देते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय कंपनी को एक और आधिकारिक पत्र भेजने की तैयारी कर रहा है।सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस मसले पर आंतरिक चर्चा हुई थी और अगले 7-10 दिनों में वॉट्सऐप को तीसरा नोटिस भेजा जा सकता है। मंत्रालय का मानना है कि संदेश के मूल प्रेषक का पता लगाने के लिए कोई तकनीकी हल खोजा जा सकता है। इससे 'एंड टू एंड इनक्रिप्शन' पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर ऐसे संदेश के मूल प्रेषक का पता लगाया जा सके जिसे बहुत कम समय में बहुत से यूजर्स को भेजा गया हो।दरसअल, भारत में वॉट्सऐप के जरिए फेक न्यूज और अफवाहें फैलने के बाद लिंचिंग जैसी घटनाएं तक सामने आ चुकी हैं। वॉट्सऐप के सीईओ क्रिस डैनियल ने कुछ समय पहले केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से दिल्ली में मुलाकात थी। इस मुलाकात के दौरान सरकार ने वॉट्सऐप से अफवाहों को रोकने, पॉर्न और फेक न्यूज पर लगाम के लिए तकनीकी समाधान ढूंढने को कहा था।

ये हैं सरकार की शर्तें-

  • वॉट्सऐप पर फेक न्यूज और अफवाहों को रोका जाए।
  • ऐसी खबरों के लिए प्रभावी समाधान निकाला जाये।
  • भारत में काम करने के लिए कार्यालय बनाया जाए।
  • फर्जी संदेश की ओरिजिन का पता लगाने के लिए तकनीकी समाधान तलाशें और शिकायत निपटारे के लिए अधिकारी नियुक्त करें।