पाकिस्तान से भारत लौटे भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों ने बताया मुझे झूठे केस में फंसाया गया

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अटारी: झूठे केस में फंसाए जाने के बाद भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारी वाघा-अटारी बॉर्डर से होते हुए पाकिस्तान से भारत लौटे। पाकिस्तान ने दोनों कर्मचारियों को झूठे हिट ऐंड रन केस में फंसाकर हिरासत में लिया था। इन कर्मचारियों की पहचान सेल्वादास पॉल और द्विमू ब्रह्म के रूप में हुई। इन्हें हिरासत में लेने के बाद 10 घंटे तक प्रताड़ित किया गया था जिससे उनके शरीर में गहरे घाव हो गए हैं।

Indian High Commission Employees Who Returned To India From Pakistan Told Me I Was Implicated In A False Case :

दोनों कर्मचारी सोमवार दोपहर को अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट पहुंचे जिसके बाद ग्रुप कैप्टन मनु मिधा, सेकंड सेक्रेटरी एस शिव कुमार और स्टाफ मेंबर पंकज दोनों को लेकर दिल्ली की ओर रवाना हुए।

भारत ने जासूसी करने के आरोप में 3 को पकड़ा था
31 मई को नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के दो स्टाफर को जासूसी करते हुए पकड़ा गया था। माना जा रहा है कि ताहिर खान और आबिद हुसैन नाम के दोनों स्टाफरों को जासूसी के लए आईएसआई ने ट्रेनिंग दी थी। भारत ने दोनों को पर्सोना नॉन ग्राटा ( Persona Non Grata) घोषित कर दिया था। इसी तरह पाकिस्तान उच्चायोग में ड्राइवर के रूप में कार्यरत जावेद हुसैन को भी इन्हीं आरोपों में पकड़ा गया था।

पाकिस्तान ने झूठे केस में फंसाया
इससे बौखलाए पाकिस्तान ने 15 जून को इस्लामाबाद में ड्राइवर के रूप में तैनात सीआईएसएफ जवान ब्रह्म्स और सेल्वादास को झूठे केस में फंसाया। शुरुआत में कहा गया कि वे दोनों गायब हो गए हैं। हालांकि एकदिन बाद ही पाकिस्तान पुलिस ने दावा किया कि दोनों को हिट ऐंड रन केस में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें पुलिस ने प्रताड़ित किया था।

10 घंटे तक प्रताड़ित किया गया
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद के एक पेट्रोल पंप से इन्हें अगवा किया। उन्हें आंखों पर पट्टी बांधकर अनजान जगह ले जाया गया। वहां लाठी, डंडों और मुक्कों से पिटाई की गई। साथ ही कार एक्सिडेंट को कबूलने के लिए मजबूर किया गया। भारत के दबाव के बाद इन्हें शाम को छोड़ दिया गया।

भारत के दखल देने पर छोड़ा
पाकिस्तान अथॉरिटी ने दावा किया कि दोनों को तेज गति में गाड़ी चलाने और पैदल चलने वाले पर गाड़ी चला दी जिससे कि वह घायल हो गए। पुलिस ने यह भी दावा किया कि उनके कब्जे से जाली नोट भी मिले हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों को अगवा करके 10 घंटे तक गैर कानूनी हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया गया। भारतीय उच्चायोग के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों को भारत के दबाव के बाद रिहा किया गया। पूछताछ के नाम दोनों के साथ पिटाई हुई जिससे गंभीर चोटें आईं।

अटारी: झूठे केस में फंसाए जाने के बाद भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारी वाघा-अटारी बॉर्डर से होते हुए पाकिस्तान से भारत लौटे। पाकिस्तान ने दोनों कर्मचारियों को झूठे हिट ऐंड रन केस में फंसाकर हिरासत में लिया था। इन कर्मचारियों की पहचान सेल्वादास पॉल और द्विमू ब्रह्म के रूप में हुई। इन्हें हिरासत में लेने के बाद 10 घंटे तक प्रताड़ित किया गया था जिससे उनके शरीर में गहरे घाव हो गए हैं। दोनों कर्मचारी सोमवार दोपहर को अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट पहुंचे जिसके बाद ग्रुप कैप्टन मनु मिधा, सेकंड सेक्रेटरी एस शिव कुमार और स्टाफ मेंबर पंकज दोनों को लेकर दिल्ली की ओर रवाना हुए। भारत ने जासूसी करने के आरोप में 3 को पकड़ा था 31 मई को नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के दो स्टाफर को जासूसी करते हुए पकड़ा गया था। माना जा रहा है कि ताहिर खान और आबिद हुसैन नाम के दोनों स्टाफरों को जासूसी के लए आईएसआई ने ट्रेनिंग दी थी। भारत ने दोनों को पर्सोना नॉन ग्राटा ( Persona Non Grata) घोषित कर दिया था। इसी तरह पाकिस्तान उच्चायोग में ड्राइवर के रूप में कार्यरत जावेद हुसैन को भी इन्हीं आरोपों में पकड़ा गया था। पाकिस्तान ने झूठे केस में फंसाया इससे बौखलाए पाकिस्तान ने 15 जून को इस्लामाबाद में ड्राइवर के रूप में तैनात सीआईएसएफ जवान ब्रह्म्स और सेल्वादास को झूठे केस में फंसाया। शुरुआत में कहा गया कि वे दोनों गायब हो गए हैं। हालांकि एकदिन बाद ही पाकिस्तान पुलिस ने दावा किया कि दोनों को हिट ऐंड रन केस में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें पुलिस ने प्रताड़ित किया था। 10 घंटे तक प्रताड़ित किया गया मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद के एक पेट्रोल पंप से इन्हें अगवा किया। उन्हें आंखों पर पट्टी बांधकर अनजान जगह ले जाया गया। वहां लाठी, डंडों और मुक्कों से पिटाई की गई। साथ ही कार एक्सिडेंट को कबूलने के लिए मजबूर किया गया। भारत के दबाव के बाद इन्हें शाम को छोड़ दिया गया। भारत के दखल देने पर छोड़ा पाकिस्तान अथॉरिटी ने दावा किया कि दोनों को तेज गति में गाड़ी चलाने और पैदल चलने वाले पर गाड़ी चला दी जिससे कि वह घायल हो गए। पुलिस ने यह भी दावा किया कि उनके कब्जे से जाली नोट भी मिले हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों को अगवा करके 10 घंटे तक गैर कानूनी हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया गया। भारतीय उच्चायोग के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों को भारत के दबाव के बाद रिहा किया गया। पूछताछ के नाम दोनों के साथ पिटाई हुई जिससे गंभीर चोटें आईं।