अमेरिका से मुम्बई लौटे इंजीनियर को फ्लैट पर मिला मां का कंकाल

अमेरिका से मुंबई लौटे इंजीनियर को फ्लैट पर मिला मां का कंकाल

मुम्बई। कॅरियर बनाने की होड़ में हमारी पीढ़ी इतनी व्यस्त है कि उसे अपने मां—बाप की खोज खबर लेने तक की फुर्सत नहीं है। लेकिन बढ़ती उम्र के बोझ से धीरे—धीरे दबते जा रहे बूढ़े मां—बाप किस हद तक अपनी औलाद का इंतजार कर सकते हैं ये मुंबई में देखने को मिला। अमेरिका में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम करने वाला रितुराज साहनी जब रविवार को मुम्बई के लोखंडवाला स्थित अपने आवास पर पहुंचा तो उसके सामने का मंजर हैरान करने वाला था। रितुराज के इंतजार में लेटी 63 वर्षीय आशा साहनी का शरीर गलकर कंकाल का रूप ले चुका था। मां को सरप्राइज करने पहुंचे रितुराज को जब उसकी गलती का अहसास हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी क्योंकि उसने पिछले एक साल से अपनी मां को एक कॉल तक करना मुनासिफ नहीं समझा था।

मुंबई की ओसीवारा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक लोखंडवाला काम्पलेक्स निवासी साहनी दंपत्ति का बेटा रितुराज अमेरिका में नौकरी करता है। रविवार की शाम करीब 4.30 बजे रितुराज अमेरिका से मुंबई अपने घर पहुंचा। उसने डोरवेल बजाकर दवाजा खुलवाने की कोशिश की। जब अंदर से बंद दरवाजा नहीं खुला तो रितुराज ने चाभी बनाने वाले को बुलाकर दरवाजा खुलावाया। अंदर जाने पर उसने देखा कि जिस मां से मिलने के लिए वह मुंबई आया था उसकी जगह उसका कंकाल बिस्तर में पड़ा था। उसकी मां का शव जिस तरह से बिस्तर में मौजूद था उसे देखकर कहा जा सकता है कि वह अच्छी तरह से कपड़े पहने हुए थीं।

बकौल पुलिस रितुराज के पिता केदारनाथ साहनी का स्वर्गवास 2013 में ही हो गया था। जिसके बाद से उसकी मां आशा साहनी अकेली ही फ्लैट में रहती थी। अप्रैल 2016 में रितुराज ने आखिरी बार अपनी मां से फोन पर बात की थी। इस बातचीत के दौरान आशा साहनी ने रितुराज से अपने अकेलेपन से डर लगने और वृद्धाश्रम में जाकर रहने की बात कही थी। जिसके बाद दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई।

पुलिस ने रितुराज से मिली जानकारी के आधार पर माना है कि आशा साहनी पति की मौत के बाद से अवसादग्रस्त थीं। बेटे की विदेश में नौकरी करने के चलते वह अकेलेपन का शिकार हो गईं। हालांकि पुलिस ने आशा साहनी की मृत्यु के कारणों की सटीक जानकारी जुटाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए सिद्धार्थ हॉस्पिटल भेजा है।