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भारतीय खिलाड़ियों में होता है टीम से बाहर होने का खौफ, इसलिए नहीं लेते रेस्टः युवराज सिंह

Indian Players Are In Awe Of Being Left Out Of The Team So Do Not Take Rest Yuvraj Singh

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज युवराज सिंह ने सोमवार को दावा किया कि देश के कई क्रिकेटर अपना स्थान गंवाने के डर से थके होने के बावजूद भी रेस्ट नहीं लेते। युवराज ने उम्मीद जताई कि सौरव गांगुली के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद इसमें बदलाव आएगा। निजी लीग में खेलने के लिये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले युवराज ने खिलाड़ियों के संघ का भी समर्थन किया।  

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उच्चतम न्यायालय से नियुक्त लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुसार खिलाड़ियों का संघ ‘इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन’ पहले ही गठित कर दी गई है। युवराज ने पत्रकारों से कहा, “हम इसके हकदार हैं क्योंकि कई बार हमें क्रिकेट खेलने के लिये कहा जाता है जबकि हम ऐसा नहीं चाहते। हमें इस दबाव में खेलना होता है कि अगर हम नहीं खेलते हैं तो हमें बाहर कर दिया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों पर से यह दबाव खत्म होना चाहिए कि अगर वे थके हुए हैं या चोटिल हैं उन्हें तब भी खेलना होगा। ” युवराज ने ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल का उदाहरण दिया जिन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित मसले के लिये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विश्राम लिया और बोर्ड ने उनका समर्थन किया।

उन्होंने कहा, “हमारे खिलाड़ी ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें अपनी जगह गंवाने का डर रहता है। इसलिए खिलाड़ियों का संघ बेहद महत्वपूर्ण है।” युवराज ने कहा कि गांगुली के अध्यक्ष बनने के बाद बीसीसीआई में आमूलचूल परिवर्तन होने की संभावना है और अब खिलाड़ियों की भी सुनी जाएगी।

उन्होंने कहा, “सौरव के अध्यक्ष बनने के बाद भारतीय क्रिकेट में कई नई चीजें होंगे। प्रशासकों की नजर में क्रिकेट और क्रिकेटरों की नजर में क्रिकेट में दोनों में काफी अंतर है। एक बेहद सफल कप्तान क्रिकेटरों के हितों को ध्यान में रखेगा जहां खिलाड़ियों की बातें भी सुनी जा सकती है। ऐसा पहले नहीं हुआ। अब वह क्रिकेटरों की बात भी सुनेंगे कि वे क्या चाहते हैं।”

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