पोस्ट ऑफिस बना देश का सबसे बड़ा पेमेंट बैंक, फ्री में मिलेंगी ये सुविधाएं

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पोस्ट ऑफिस बना देश का सबसे बड़ा पेमेंट बैंक, फ्री में मिलेंगी ये सुविधाएं
आपका नजदीकी पोस्ट ऑफिस अब देश का सबसे बड़ा पेमेंट बैंक बन गया है। अब आप दूसरे बैंकों की तरह पोस्ट ऑफिस में भी पैसे डिपॉजिट कर सकते हैं साथ ही यह आपको दूसरे बैंकों के मुकाबले कई फ्री सेवाएं भी देगा। यह पेमेंट बैंक देश के सभी पोस्ट ऑफिस में खोला जाएगा और जिसका नाम होगा 'पोस्ट ऑफिस पेमेंट बैंक'। इसकी खासबात यह होगी कि यहां आपको पोस्टे ऑफिस की सामान्य् बचत जमा से 1.5 फीसदी ज्यांदा ब्याोज भी…

आपका नजदीकी पोस्ट ऑफिस अब देश का सबसे बड़ा पेमेंट बैंक बन गया है। अब आप दूसरे बैंकों की तरह पोस्ट ऑफिस में भी पैसे डिपॉजिट कर सकते हैं साथ ही यह आपको दूसरे बैंकों के मुकाबले कई फ्री सेवाएं भी देगा। यह पेमेंट बैंक देश के सभी पोस्ट ऑफिस में खोला जाएगा और जिसका नाम होगा ‘पोस्ट ऑफिस पेमेंट बैंक’। इसकी खासबात यह होगी कि यहां आपको पोस्टे ऑफिस की सामान्य् बचत जमा से 1.5 फीसदी ज्यांदा ब्याोज भी मिलेगा। अब देश के सभी 1.55 लाख पोस्टस ऑफिस पेमेंट बैंक बन जाएंगे।

पोस्ट ऑफिस पेमेंट बैंक से ग्राहकों को मिलेंगी ये सुविधाएं

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इसके तहत एक लाख रुपये तक का बचत खाता, 25 हजार तक की जमा राशि पर 5.5 फीसदी ब्याज, चालू खाता और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं मिलेंगी। वहीं आधार भुगतान का पता बन जाएगा। एक बार सेवा शुरू होने के बाद आईपीपीबी देश का सबसे बड़ा वित्तीय सेवा नेटवर्क बन जाएगा।

इस तरह से पहुंचेगी डिजिटल सर्विस

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बता दें कि इसके तहत पोस्ट मैन और ग्रामीण डाक सेवक शहरी और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट सेवा पहुंचाएंगे. 2015 में आरबीआई ने भारतीय पोस्ट को पेमेंट बैंक के रूप में काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।

देश के पुराने बैंक एटीएम और अन्य इंटरनेट बैंकिंग सुविधाओं के लिए पैसे चार्ज करते है, लेकिन पोस्टऑफिस पेमेंट बैंक के कस्टमर को एटीएम लेने के लिए अपने किसी तरह का कोई चार्ज नहीं देना होगा। इसी तरह मोबाइल अलर्ट के लिए भी बैंक कोई चार्ज नहीं लेगा। अभी ज्यादातर बैंक 25 रुपए से लेकर 50 रुपए तक एसएमएस अलर्ट के लिए चार्ज लेते हैं। इसी तरह क्वार्टरली बैलेंस मेंटेन करने के लिए भी कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा।

इस बैंक की परिकल्पना रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने की थी। माना जा रहा है कि इससे बैंकिंग सेक्टर में विविधता आएगी और अब तक बैंकिंग व्यवस्था से दूर रही जनता भी जुड़ेगी। कोई भी उपभोक्ता अपने पहचान पत्र के जरिए इससे जुड़ सकता है। इसके जरिए बैंक ख़ाता खुलवाने के झंझटों से आप बच सकते हैं और कैशलेस इकॉनमी की ओर बढ़ सकते हैं।

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