ओमान से लौटी महिला ने सुनाई आपबीती, सुषमा स्वराज को दिया धन्यवाद

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ओमान से लौटी महिला ने सुनाई आपबीती, सुषमा स्वराज को दिया धन्यवाद

नई दिल्ली। नौकरी का झांसा देकर हैदराबाद की रहने वाली एक महिला की ओमान में तस्करी की गई थी। अब महिला को पांच महीने बाद वहां से बचा लिया गया है। लौटकर उसने अपनी आपबीती साझा की है। कुलसुम बानो नाम की इस महिला वतन वापसी में मदद के लिए विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को धन्यवाद दिया है।

Indian Woman Rescued From Oman After Five Months Thanks Sushma Swaraj :

महिला ने बताया, ‘इस मामले में मेरी बेटी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने मुझ पर लगाए गए 5 हजार रियाल (ओमान की मुद्रा) देकर वापस भारत भेजने का काम किया। मैं 8 मई को भारत पहुंची. मैं सुषमा स्वराज और भारतीय दूतावास को धन्यवाद देना चाहूंगी।’

पीड़ित महिला ने कहा

पीड़ित महिला ने एएनआई से कहा, ‘अबरार नाम के एजेंट ने पार्लर में ब्यूटीशियन जॉब ऑफर की थी। उसने कहा था कि ओमान की राजधानी मस्कट में प्रति महीने 30,000 रुपए सैलरी मिलेंगे। एजेंट का ऑफर स्वीकार करने के बाद मुझे 17 दिसंबर 2018 को मस्कट भेज दिया गया। वहां पहुंचकर पता चला कि ब्यूटीशियन का कोई जॉब नहीं था। मुझे नौकरानी बनाकर रखा गया। किसी तरह नौकरानी का काम एक महीने करने के बाद मैंने आगे काम करने से मना कर दिया।’

कुलसुम बानो बताया कि एंप्लॉयर ने मुझे लोकल एजेंट के घर छोड़ दिया। वहां मुझे बिना खाना खिलाए 10 दिनों तक कमरे में बंद कर दिया गया। इसके बाद मैं भारतीय दूतावास पहुंची और अधिकारियों ने मुझे 4 महीने तक दूतावास में रखा। इसके बाद मैंने बेटी से संपर्क किया और अपनी समस्या बताई।’

नई दिल्ली। नौकरी का झांसा देकर हैदराबाद की रहने वाली एक महिला की ओमान में तस्करी की गई थी। अब महिला को पांच महीने बाद वहां से बचा लिया गया है। लौटकर उसने अपनी आपबीती साझा की है। कुलसुम बानो नाम की इस महिला वतन वापसी में मदद के लिए विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को धन्यवाद दिया है। महिला ने बताया, 'इस मामले में मेरी बेटी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने मुझ पर लगाए गए 5 हजार रियाल (ओमान की मुद्रा) देकर वापस भारत भेजने का काम किया। मैं 8 मई को भारत पहुंची. मैं सुषमा स्वराज और भारतीय दूतावास को धन्यवाद देना चाहूंगी।' पीड़ित महिला ने कहा पीड़ित महिला ने एएनआई से कहा, 'अबरार नाम के एजेंट ने पार्लर में ब्यूटीशियन जॉब ऑफर की थी। उसने कहा था कि ओमान की राजधानी मस्कट में प्रति महीने 30,000 रुपए सैलरी मिलेंगे। एजेंट का ऑफर स्वीकार करने के बाद मुझे 17 दिसंबर 2018 को मस्कट भेज दिया गया। वहां पहुंचकर पता चला कि ब्यूटीशियन का कोई जॉब नहीं था। मुझे नौकरानी बनाकर रखा गया। किसी तरह नौकरानी का काम एक महीने करने के बाद मैंने आगे काम करने से मना कर दिया।' कुलसुम बानो बताया कि एंप्लॉयर ने मुझे लोकल एजेंट के घर छोड़ दिया। वहां मुझे बिना खाना खिलाए 10 दिनों तक कमरे में बंद कर दिया गया। इसके बाद मैं भारतीय दूतावास पहुंची और अधिकारियों ने मुझे 4 महीने तक दूतावास में रखा। इसके बाद मैंने बेटी से संपर्क किया और अपनी समस्या बताई।'