भारत छोड़ पाकिस्तान की नागरिकता ले रहे लोग

भारत छोड़ पाकिस्तान की नागरिकता ले रहे लोग

1947 में भारत को आजादी के साथ बंटवारा भी मिला था। इस बंटवारे के बाद बना पाकिस्तान मुसलमानों की मांग पर बनाया गया था। उस दौर में बड़ी तादात में मुसलमानों ने पाकिस्तान की जमीन को अपने वतन के रूप में स्वीकार किया था और जिन मुसलमानों को भारत की मिट्टी से प्यार था वे यहीं के होकर रह गए। लेकिन आज भी ऐसे मुसलमानों की कमी नहीं है जो भारत की मिट्टी में दफन अपने पुरखों के फैसले को गलती समझकर पाकिस्तान का नागरिक बनना पसंद कर रहे हैं।

हाल ही में पाकिस्तान की संसद में सांसद शेख रोहेल असगर के सवाल का जवाब देते हुए आतंरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा जानकारी दी गई कि गत् 5 सालों में 298 भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान की नागरिकता दी गई है। जिनमें सबसे ज्यादा 76 भारतीय 2014 में पाकिस्तानी नागरिक बने, जो 2013 के 75 नागरिकों से ज्यादा रहा। वहीं 2012 में 48, 2015 में 15 और 2016 में 69 भारतीयों को पाकिस्तानी सरकार द्वारा कानूनी रूप से नागरिकता दी है। इन आंकड़ों के साथ बताया गया है कि 2017 में अप्रैल तक 14 भारतीय कानून पाकिस्तान की नागरिकता ले चुके हैं।

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जानकारों के माने तो भारत छोड़कर पाकिस्तान जाने वालों में कुछ लोग ऐसे हैं जिनके रिश्तेदार बंटवारे के समय भारत छोड़ गए थे। आज भी उन परिवारों के बीच शादी और संबन्ध जारी हैं। जिन लड़कियों की शादी पाकिस्तान में होती है उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत वहां की नागरिकता लेनी होती है। लेकिन ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि पाकिस्तान जाने वालों में कई परिवार भी शामिल हैं जिन्होंने भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान में अपना भविष्य सुरक्षित नजर आता है।

विदेशी मामलों के जानकारों की माने तो पिछले 70 सालों में दोनों देशों की तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है। भारत एक शां​त और तरक्की पसंद देश के रूप में तरक्की कर रहा है, वहीं पाकिस्तान एक अशांत देश के रूप में पहचाना जा रहा है। आज पाकिस्तान दुनिया के उन गिने चुने देशों में शुमार है जहां आम नागरिक अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहा। आतंकवाद की गिरफ्त में आ चुका पाकिस्तान दुनिया भर की नजरों में आतंक और आतंकवादियों की पनाहगार के रूप में उभरा है।

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वहीं एक अन्य विशेषज्ञ का कहना है कि पाकिस्तान जैसे देश में किसी दूसरे देश के नागरिक को कानूनी रूप से पाकिस्तानी नागरिकता देने के बजाय गैरकानूनी तरीके से पनाह देना आसान समझता है, क्योंकि वह अपने नागरिकों की मूल जरूरतों को पूरा करने में असक्षम है। पाकिस्तान में मूल भूत सुविधाओं की कमी है। कानूनी तौर पर पाकिस्तानी नागरिक बने भारतीय लोगों की संख्या से कहीं ज्यादा तादात ऐसे लोगों की है जो गैरकानूनी तरीके से पाकिस्तान में जाकर बस चुके हैं।

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