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भारत की संस्कृति एकता की परिचायक, श्रेष्ठ समाज के निर्माण के लिए निभाए जिम्मेदारी : डॉ. दिनेश शर्मा  

यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि  समय के बदलाव के साथ परम्पराओं में भी  बदलाव  हो रहा  है। आज तेजी से संस्कृति का पाश्चात्यीकरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि  आज लोगों का रूझान अपनी संस्कृति की ओर कम हो रहा है।  जन्म दिन जीवन में नए प्रकाश का अवसर होता है पर विदेशी संस्कृति की नकल  होड में अब  लोग  जन्म दिन के अवसर पर जीवन में प्रकाश लाने के स्थान पर केक पर लगी मोमबत्ती को बुझाकर अंधेरा करने लगे हैं। केक को काटना विभाजन का प्रतीक है जबकि भारत की संस्कृति में बूंदी को जोड़कर लड्डू बनाकर प्रसाद चढ़ाने की परम्परा है।  पाश्चात्य संस्कृति  विभाजनकारी सोंच की परिचायक है जबकि भारत की संस्कृति मिलाकर एक करने की है।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि  समय के बदलाव के साथ परम्पराओं में भी  बदलाव  हो रहा  है। आज तेजी से संस्कृति का पाश्चात्यीकरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि  आज लोगों का रूझान अपनी संस्कृति की ओर कम हो रहा है।  जन्म दिन जीवन में नए प्रकाश का अवसर होता है पर विदेशी संस्कृति की नकल  होड में अब  लोग  जन्म दिन के अवसर पर जीवन में प्रकाश लाने के स्थान पर केक पर लगी मोमबत्ती को बुझाकर अंधेरा करने लगे हैं। केक को काटना विभाजन का प्रतीक है जबकि भारत की संस्कृति में बूंदी को जोड़कर लड्डू बनाकर प्रसाद चढ़ाने की परम्परा है।  पाश्चात्य संस्कृति  विभाजनकारी सोंच की परिचायक है , जबकि भारत की संस्कृति मिलाकर एक करने की है।

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पूर्व उपमुख्यमंत्री ने  उपस्थित जनसमुदाय को हनुमान जयंती की बधाई देते हुए कहा कि कहा कि जहां सत्य है वहीं पर प्रभु  राम हैं और जहां प्रभु राम हैं वहीं पर हनुमान जी भी हैं। उनका कहना था कि  बजरंगबली श्री हनुमान चिर अनन्तकाल में जीवंत रहने वाले एकमात्र देवता हैं। जिन्हे प्रभु राम का आर्शीवाद प्राप्त है कि जहां पर धर्म होगा वहां पर ये पृथ्वीलोक के वासियों को आर्शीवाद देते हुए दिखाई देंगे।   उन्होंने  कथानक सुनाते हुए बताया कि जब प्रभु राम अपने मानव शरीर को छोडने के लिए सरयू नदी  में विलीन होने जा रहे थे। उस समय पर उन्होंने बजरंगबली  से कहा था कि जैसे तुम मेरे हृदय में रहते हो वैसे ही सबके हृदय में रहो।  जहां पर सत्य है वहां पर राम  है । जहां पर राम हैं वहां हनुमान हैं।  जहां पर सत्य और धर्म होगा वहां पर चिर अनन्तकाल तक तुम जीवन्त भाव में मानव समाज की रक्षा करने के लिए रहोगे।

आदर्श ब्राह्मण फाउंडेशन  उत्तर प्रदेश  के वार्षिक अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि  ब्राह्मण  सबके सुख में अपने सुख की अनुभूति करता है। वह सबके लिए  जन्म से लेकर आखिरी वक्त तक मंगलकामना करता है।  जिसकी भावना ही सर्वे भवन्तु सुखिन:  की है ,  वही ब्राह्मण है।  इस समाज के लोगों  का नैतिक दायित्व है कि अपने रीति रिवाज  के अनुरूप ही आचरण करें।  रामायण की रचना महर्षि बाल्मीकि ने की , महर्षि वेद व्यास ने अपना वेद  लिखा ,  भगवान कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया और इन सभी बेहतरीन शिक्षाओं को समाज में ले जाने का कार्य ब्राह्मण समाज ने किया है। इसीलिए समाज के इस वर्ग की नैतिक जिम्मेदारी सबसे अधिक  है जिससे कि श्रेष्ठ समाज का निर्माण हो सके। समाज के कल्याण की भावना रखने वाला व्यक्ति ब्राह्मण है। हर व्यक्ति में ब्रह्म का वास होने की कामना करने वाला ही ब्राह्मण है।

आज भी यूपी प्रकान्ड विद्वानों से भरा है। आज आवश्यकता अपनी संस्कृति को अपनाने और आत्मसात कर  उसे आगे बढाने  की है।  उन्होंने उम्मीद जताई  कि  यह संस्था समाज  के आदर्शो को आगे बढ़ाने का काम करेगी। डा शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहन देने के हर संभव उपाय किए  थे। कोर्स में भी ऐसे बदलाव किए थे कि संस्कृत की डिग्री  को मान्यता मिल सके। पहली बार संस्कृत कल्याण बोर्ड को बनाने के लिए धनराशि  निर्गत की गई। संस्कृत के अध्यापक को माध्यमिक  विद्यालय के अध्यापक की तरह सुविधाए प्रदान की गई। उनके लिए भी पुरस्कार की व्यवस्था की गई। संस्कृत के मेधावी छात्रों को एक लाख रुपए के पुरुस्कार की व्यवस्था की गई थी।  कार्यक्रम में आचार्य वीरेश द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर मुम्बई से पधारे  आदर्श ब्राह्मण फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष उपाध्याय , आजादी के नायक चन्द्रशेखर आजाद जी के प्रपौत्र सुजीत आजाद तथा राष्ट्रीय कवि गौरव चौहान सहित अन्य गणमान्य  लोग उपस्थित रहे।

पूर्व  उपमुख्यमंत्री डा शर्मा  ने एलडीए मार्केट कपूरथला पर आयोजित  बालाजी जन्मोत्सव कार्यक्रम , सरोजनी नगर में आयोजित होली मिलन व कवि सम्मेलन समारोह तथा  पक्का पुल  पर लेटे हुए हनुमान  मंदिर में आयोजित हनुमान जयंती कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में  भाग लिया।

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