2019 चुनाव से पहले बदली जाएंगी 9 लाख से अधिक EVM मशीनें

नई दिल्ली| गड़बड़ी के आरोपों के बीच 2019 चुनाव से पहले 9 लाख से अधिक ईवीएम को बदल दिया जाएगा| इन्हें ज्यादा विकसित एम3 मशीनों से बदला जाएगा| सरकार ने संसद में जानकारी देते हुआ बताया कि यह कदम नेताओं द्वारा ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाए जाने के मद्देनजर उठाया गया है| कहा गया है कि ये मशीनें किसी तरह की छेड़छाड़ का प्रयास करने पर निष्क्रिय हो जाएंगी|




इस हफ्ते की शुरुआत में लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कानून एवं न्याय राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने कहा कि एम3 ईवीएम प्रौद्योगिकी तौर पर उन्नत हैं| इनमें और दूसरे ईवीएम के संचालन में कोई अंतर नहीं है| इससे बूथ प्रबंधन प्रणाली प्रभावित नहीं होती है| नई एम3 ईवीएम मशीनों की विशेषताओं को बताते हुए मंत्री ने कहा कि इसमें एक पब्लिक की इंटरफेस (पीकेआई) है जो वास्तविक इकाई की पहचान करने के लिए विभिन्न ईवीएम इकाइयों के बीच आपसी प्रमाणीकरण पर आधारित है|




मंत्री ने कहा, “इसकी डिजाइन यह सुनिश्चित करती है कि ईवीएम को खोलने के प्रयास से यह निष्क्रिय हो जाए|” निर्वाचन आयोग के अनुसार, कथित मशीनों की खरीद करने के लिए कर, ड्यूटी और माल शुल्क को छोड़कर करीब 1,940 करोड़ रुपये की जरूरत होगी|

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