जन्मदिन विशेष : भारतीय टीम का पहला कैप्टन जो 68 की उम्र तक खेलता रहा क्रिकेट

नई दिल्ली। इन दिनों भारत क्रिकेट में बुलंदियों पर है, आज हम हर एक जीत पर जमकर जश्न मना रहे हैं। सचिन, विराट, धोनी, युवराज की वाहवाहियां भी कही न कही सुनने को मिल ही जाती हैं। लेकिन हमे उन्हें भी याद करना चाहिए जिन्होंने टीम की नीव रखने यानी शुरुआती दौर में टीम को सजाया था।

आज हम एक ऐसे ही शख्स की बात कर रहे हैं जिसकी विरासत गांगुली, धोनी के बाद इन दिनों कोहली संभाले हुए है। आज हम बात कर रहे हैं देश के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल के साथ ही भारतीय क्रिकेट के पहले कप्तान सीके नायडू की जिनकी आज जयंती है।आजादी से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान रहे कोट्टारी कनकैया नायडू एक ऐसे अद्भुत खिलाडी थे, जिन्होंने 68 वर्ष की उम्र तक भी क्रिकेट खेलना जारी रखा था।

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मजेदार बात ये है, कि जिस उम्र में खिलाड़ी रिटायरमेंट लेते हैं, उस उम्र में कर्नल को टेस्ट टीम की कमान मिली। इंग्लैंड के खिलाफ जून 1932 में जब उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच खेला, तब उनकी उम्र 37 साल हो चुकी थी। उन्होंने भारत की ओर चार साल में कुल 7 टेस्ट मैच खेले। लेकिन ऐसा नहीं है कि वह इतना खेलते ही रुक गए। उन्होंने अपने जीवन में कुल 207 फर्स्ट क्लास मैच खेले।

बड़े ही दिलचस्प तरीके से बन गए थे कप्तान
सीके नायडू के भारतीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान चुने जाने का बेहद दिलचस्प किस्सा है। क्रिकेट जब अभिजात्य और राजा महाराजाओं का खेल हुआ करता था। उस दौर में इंग्लैंड जा रही भारतीय टीम के कप्तान पोरबंदर महाराज थे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वह नहीं जा पाए और फिर कर्नल सीके नायडू को भारतीय टीम का पहला कप्तान बनने का गौरव प्राप्त हो गया।

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MCC के खिलाफ 153 रनों की धमाकेदार पारी
नायडू ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 1916 डेब्यू किया। तब वे अपने स्कूल हिसॉप कॉलेजिएट हाई स्कूल की टीम के कप्तान बने। नायडू ने बॉम्बे जिमखाना की घरेलू टीम के लिए मैच खेला। साल 1926 में MCC की टीम भारत दौरे पर आई। नायडू ने जिमखाना की ओर से खेलते हुए 153 रन की धमाकेदार पारी खेली जिसमें 11 छक्के भी शामिल थे।

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