पोखरण में एक और कामयाबी, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘हेलिना’ का सफल परीक्षण

पोखरण में एक और कामयाबी, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल 'हेलिना' का सफल परीक्षणपोखरण में एक और कामयाबी, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल 'हेलिना' का सफल परीक्षण
पोखरण में एक और कामयाबी, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल 'हेलिना' का सफल परीक्षण

नई दिल्ली। भारत लगातार अपनी सैन्‍य शक्ति में इजाफा कर रहा है। इसी क्रम में भारत ने रविवार को राजस्‍थान में हवा से सतह पर सटीक वार करने वाले गाइडेड बम और एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल हेलिना का सफल परीक्षण किया है। नाग श्रेणी की इस मिसाइल को लड़ाकू हेलीकॉप्टर से दागा गया। पांच से आठ किलोमीटर रेंज की इस मिसाइल ने अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया।इसे अचूक निशाने की वजह से फायर एंड फाॅरगेट (दागो और भूल जाओ) का दर्जा प्राप्त है। इस साल के अंत तक इसे सेना में शामिल कर लिया जाएगा।

Indias Indigenously Developed Helicopter Launched Anti Tank Guided Missile Helina Was Successfully Flight Tested :

देश में विकसित गाइडेड बम- एसएएडब्ल्यू और एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल हेलिना का राजस्थान में अलग-अलग फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण किया गया। रक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर जानकारी देते हुए बताया कि चांदन रेंज में वायु सेना के विमान से स्मार्ट एंटी एयरफील्‍ड वीपन (एसएएडब्ल्यू) का सफल परीक्षण हुआ। हेलिना का परीक्षण पोखरण में हुआ।

पोखरण फायरिंग रेंज में हेलिना मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। इस मिसाइल ने सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को भेद डाला। यह दुनिया में अत्याधुनिक एंटी टैंक हथियारों में से एक है। इन हथियारों को डीआरडीओ ने विकसित किया है। गाइडेड बम को वायुसेना और हेलिना मिसाइल को सेना के लिए तैयार किया गया है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस कामयाबी के लिए डीआरडीओ को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि इन हथियारों से देश की रक्षा क्षमता बढ़ेगी।

नई दिल्ली। भारत लगातार अपनी सैन्‍य शक्ति में इजाफा कर रहा है। इसी क्रम में भारत ने रविवार को राजस्‍थान में हवा से सतह पर सटीक वार करने वाले गाइडेड बम और एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल हेलिना का सफल परीक्षण किया है। नाग श्रेणी की इस मिसाइल को लड़ाकू हेलीकॉप्टर से दागा गया। पांच से आठ किलोमीटर रेंज की इस मिसाइल ने अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया।इसे अचूक निशाने की वजह से फायर एंड फाॅरगेट (दागो और भूल जाओ) का दर्जा प्राप्त है। इस साल के अंत तक इसे सेना में शामिल कर लिया जाएगा।देश में विकसित गाइडेड बम- एसएएडब्ल्यू और एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल हेलिना का राजस्थान में अलग-अलग फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण किया गया। रक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर जानकारी देते हुए बताया कि चांदन रेंज में वायु सेना के विमान से स्मार्ट एंटी एयरफील्‍ड वीपन (एसएएडब्ल्यू) का सफल परीक्षण हुआ। हेलिना का परीक्षण पोखरण में हुआ।पोखरण फायरिंग रेंज में हेलिना मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। इस मिसाइल ने सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को भेद डाला। यह दुनिया में अत्याधुनिक एंटी टैंक हथियारों में से एक है। इन हथियारों को डीआरडीओ ने विकसित किया है। गाइडेड बम को वायुसेना और हेलिना मिसाइल को सेना के लिए तैयार किया गया है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस कामयाबी के लिए डीआरडीओ को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि इन हथियारों से देश की रक्षा क्षमता बढ़ेगी।