वरिष्ठ पत्रकार की गिरफ्तारी ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल, जाने पूरा मामला

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ पुलिस की एक टीम ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि ये छत्तीसगढ़ के किसी मंत्री की अश्लील वीडियो बना ब्लैकमेल किया करते थे। वहीं इस गिरफ्तारी के बाद से सोशल मीडिया समेत कई जगहों पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। बता दें कि विनोद फिलहाल कांग्रेस की मीडिया सेल में काम कर रहे हैं। इससे पहले भी वे कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

क्या कहती है छतीसगढ़ पुलिस

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी को लेकर रायपुर में आईजी प्रदीप गुप्ता ने शुक्रवार सुबह पत्रकार वार्ता ली। आईजी ने बताया कि पंडरी थाने में प्रकाश बजाज ने अपनी शिकायत में कहा था कि उन्हें दो दिन दिन से धमकी भरे फोन आ रहे हैं। गुरुवार को भी उन्हें ऐसी धमकी मिली थी, जिसमें कहा जा रहा था कि आपके आका की सीडी सार्वजनिक कर देंगे।

फोन करने वाले ने दिल्ली-एनसीआर की एक सीडी दुकान का पता बताते हुए कहा था कि अगर यकीन न आए तो यहां आकर देख लो। आईजी ने कहा कि इस पर रायपुर पुलिस ने अपनी दिल्ली में ठहरी अपनी टीम को इसकी सूचना दी, जो चेन स्नेचर गैंग को पकड़ने के लिए कुछ दिन पूर्व से दिल्ली में रुकी हुई थी।

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रायपुर से मिली सूचना पर छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम उस सीडी की दुकान पर पहुंची और वहां संचालक से पूछताछ में पता चला कि उसने 1000 सीडी किसी के ऑर्डर पर बनाई है। उसने ऑर्डर देने वाले का मोबाइल नंबर पुलिस को दिया। यह मोबाइल नंबर विनोद वर्मा का था, जिसके बाद पुलिस ने एड्रेस के आधार पर उनके घर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर‍ लिया। सीडी बनाने का ऑर्डर विनोद वर्मा ने ही उसे दिया था।

क्या है मामला
पुलिस के मुताबिक 26 अक्टूबर को प्रकाश बजाज नाम के शक्स ने फोन पर धमकी देने का मामला दर्ज करवाया था। जिसमें कहा गया था कि फोन पर प्रकाश से एक व्यक्ति ने कहा कि ‘तुम्हारे आका का अश्लील वीडियो हमारे पास है’ ये कहकर पैसों की मांग की गई। पैसे न देने पर सीडी को वायरल करने की धमकी भी दी गई थी। इस शिकायत के बाद राजपुर पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी। इस दौरान पुलिस जांच करते हुए दिल्ली के एक वीडियो संचालक के पास पहुंची। इस जांच में विनोद द्वारा 1000 सीडी बनवाने की जानकारी मिली थी।

इस वजह से उठ रहें पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

-अभी तक ये साबित नहीं हुआ है कि प्रकाश बजाज को फोन करने वाला शख्स विनोद ही था।
– इसके साथ पुलिस ये भी नहीं बता पाई की प्रकाश कौन है।

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