दिसंबर 2018 तक पूरी तरह सील होगा भारत-पाक बार्डर





नई दिल्ली। भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि पाकिस्तान के साथ लगने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) को वस्तुगत या गैर वस्तुगत बैरियरों द्वारा दिसंबर, 2018 तक पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच 181.85 किलोमीटर की सीमा ऐसी है जिसमें नदियों के तटवर्ती क्षेत्र, नाले, दलदल जैसी भौगोलिक बाधाओं के कारण वस्तुगत बैरियर संभव नहीं है। ऐसे क्षेत्रों में कैमरा, सैंसर, राडार, लेजर आदि जैसी अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जम्मू-कश्मीर, पंजाब और गुजरात पायलट प्रोजेक्ट के जरिए इस तकनीक का परीक्षण कर रहा है। इस बात की घोषणा चंडीगढ़ में एक सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है और भारत—पाकिस्तान को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों से सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक तौर पर बातचीत कर रहा है। उन्होंने भारत सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि विकास कार्यों की वजह से चीन से लगी भारतीय सीमा पर अपराध की घटनाओं में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि सीमाओं को मित्रता, सक्रिय और समारिक सीमाओं के रूप में वर्गीकृत किया गया है।




28 सितंबर की रात हुए सर्जिकल ऑपरेशन का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक पूर्व नियोजित कार्रवाई थी। इस कार्रवाई को भारत की पाकिस्तान के लोगों के खिलाफ कोई दुर्भावनापूर्ण सैन्य कार्रवाई के रूप में नहीं देखना चाहिए है। पाकिस्तान की आतंकवाद को लेकर अपनाई गई पुरानी नीति के तहत वह आतंकवादियों को शरण दे रहा है। यही कारण है कि वैश्विक पटल पर अलग-थलग पड़ता नजर आ रहा है।

पाकिस्तान को उसकी धरती पर आतंकवाद नियंत्रित में करने में मदद करने को भारत तैयार

इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत पाक अधिकृत कश्मीर सहित पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करने के लिए तैयार है। पाकिस्तान को ‘आतंक की फैक्ट्री’ को बंद करना चाहिए। जिससे दक्षिण एशिया में विकास का दरवाजा खुलेगा और शांति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।




पूर्वोत्तर में उग्रवाद की घटनाओं के बारे में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार लगातार सभी समूहो के साथ बातचीत कर रही है और इस तरह की घटनाओं में कमी आई है। इसी प्रकार, वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में भी तेजी से कमी आई है क्योंकि विकास के मुद्दे के साथ सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई के जरिये सरकार ने दो आयामी दृष्टिकोण अपनाए हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि मुम्बई हमाले के बाद तटीय सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता दी गई है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद तटीय सुरक्षा का तीसरा चरण बहुत जल्दी ही सामने आ जाएगा। यह हमारी विशाल तटीय सेना की रक्षा के लिए मदद करेगा।

जम्मू कश्मीर के भीतर व्याप्त तनाव को लेकर सरकार के रूख को स्पष्ट करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए प्रतिबद्ध है, राजनाथ सिंह ने कहा कि जल्द ही राज्य में हालात सामान्य हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में कट्टरता की बड़ी चुनौती नहीं है क्योंकि लोग इस मुद्दे के प्रति बहुत समझदारी भरा दृष्टिकोण रखते हैं।