इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त, अब तक 100 की मौत

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर के पास पुखराया में इंदौर-पटना एक्सप्रेस की 14 बोगियां डिरेल हो जाने से हुए हादसे में अब तक 100 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। रेल पुलिस, यूपी पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य जारी है। बताया जा रहा है कि अभी तक करीब 50 लोगों को इलाज के लिए कानपुर के हैलेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां डाक्टरों का कहना है कि घायलों के इलाज के लिए अस्पताल पूरी तैयारी कर रखी है। दो दर्जन से ज्यादा एंबुलेंस मरीजों को घटना स्थल से अस्पताल तक लाने के लिए लगाई गईं हैं। ऐसी खबरें मिल रहीं हैं कि राहत कार्य के दौरान निकाले गए लोगों में से 150 लोगों में से करीब 60 लोग ऐसे हैं जिनकी हालत बेहद गंभीर है।




मिली जानकारी के मु​ताबिक हादसा रविवार की सुबह करीब 3 बजकर 10 मिनट के करीब हुआ। जिसमें इंजन के साथ जुड़े 16 बोगियों में से 14 बोगी डिरेल हो गए। आनन फानन में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे लेकिन सर्दी और अंधेरे के कारण राहतकार्य शुरू होने में काफी समय लग गया। जिन बोगियों में नुकसान कम हुआ था उनमें सवार के लोगों को तुरंत बाहर निकालने का काम शुरू हो गया, लेकिन जो तीन बोगियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई उनमें फंसे लोगों को निकालने के लिए सुबह होने तक का इंतजार करना पड़ा।




प्रत्यक्षदर्शी लोगों की माने तो सुबह करीब आठ बजे से बोगी संख्या एस-1 और एस-2 में बचाव कार्य शुरू किया गया। इन दोनों बोगियों की हालत इतनी खराब थी कि गैस कटर की मदद से बोगी को काटकर मृतकों और घायलों को बाहर निकाला गया। इन बोगियों के अलावा एसी की दो बोगियों में भी बड़ा नुकसान हुआ है। इनमें कितने लोग अभी और फंसे हुए हैं, इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।

यूपी सरकार ने हादसे की जनकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन के अलावा यात्रियों की देखभाल और घटना स्थल पर राहत कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखने की जिम्मेदारी देते हुए एक डीआईजी के नेतृत्व में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया है। डाक्टरों की कई टीमें मौके पर रवाना की गईं हैं। जो रेलवे व आरपीएफ के राहतकर्मियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। राहत कार्य को तेजी देने के लिए सेना की टुकड़ी व डाक्टर भी मौके पर पहुंचे हैं।




बताया जा रहा है कि केन्द्र व राज्य सरकारों ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा कर दी है। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा स्वयं घटना स्थल पहुंचने वाले हैं। खबर ये भी है कि केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभू भी मौके पर जाने वाले हैं।