#INDvsWI: टी20-वनडे सीरीज में ‘फ्रंट फुट नो बॉल’ पर थर्ड अंपायर लेगा फैसला

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#INDvsWI: टी20-वनडे सीरीज में 'फ्रंट फुट नो बॉल' पर थर्ड अंपायर लेगा फैसला

नई दिल्ली। भारत-वेस्टइंडीज सीरीज में फ्रंट फुट नो बॉल का फैसला मैदानी अंपायर की बजाय थर्ड अंपायर करेगा। गुरुवार को आईसीसी ने इसकी घोषणा की। दोनों देशों के बीच 6 दिसंबर से तीन मैचों की टी-20 और इतने ही मैचों की वनडे सीरीज शुरू हो रही है। पहला मैच शुक्रवार को हैदराबाद में खेला जाएगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने इस बात की पुष्टि की।

Indvswi Third Umpire To Decide On Front Foot No Ball In T20 Odi Series :

वेस्ट इंडीज के भारत दौरे पर तीन टी20 इंटरनैशनल और इतने ही वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। शुक्रवार को हैदराबाद में शुरू हो रही इस सीरीज में तकनीक द्वारा नो-बॉल पर फैसला लेने का परीक्षण किया जाएगा। आईसीसी ने एक बयान जारी कर कहा, ‘इस पूरे ट्रायल के दौरान तीसरा अंपायर ही हर नो-बॉल पर फैसला करेगा। वही यह जांच करेगा कि क्या गेंदबाज ने अगली क्रीज का उल्लंघन किया है।’

इसमें आगे कहा गया है, ‘अगर गेंदबाज क्रीज का उल्लंघन करता है तो तीसरा अंपायर ऑन-फील्ड अंपायर से बात करेंगा। यानी मैदान पर मौजूद अंपायर तीसरे अंपायर की सहमति के बिना नो-बॉल का फैसला नहीं देगा।’

आईसीसी ने कहा कि बेनेफिट ऑफ डाउट का फायदा बोलर को मिलेगा।

आईसीसी की विज्ञप्ति में आगे कहा गया है, ‘अगर फैसला देने में देरी होती है, तब मैदान पर मौजूद अंपायर आउट का फैसला बदलेगा (अगर बल्लेबाज आउट हुआ है तो) । बाकी सभी फैसलों के लिए पहले की तरह मैदानी अंपायर ही जिम्मेदार होगा।’ इसमें आगे कहा गया है, ‘इस ट्रायल को नो-बॉल की सटीकता को जांचने के पैमाने के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या इससे खेल की रफ्तार पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता है।’

नो-बॉल जांचने का काम तीसरे अंपायर को सौंपने का फैसला इस साल अगस्त में किया गया था। इस सिस्टम को पहली बार 2106 में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हुई वनडे सीरीज में प्रयोग किया गया था।  

नई दिल्ली। भारत-वेस्टइंडीज सीरीज में फ्रंट फुट नो बॉल का फैसला मैदानी अंपायर की बजाय थर्ड अंपायर करेगा। गुरुवार को आईसीसी ने इसकी घोषणा की। दोनों देशों के बीच 6 दिसंबर से तीन मैचों की टी-20 और इतने ही मैचों की वनडे सीरीज शुरू हो रही है। पहला मैच शुक्रवार को हैदराबाद में खेला जाएगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने इस बात की पुष्टि की। वेस्ट इंडीज के भारत दौरे पर तीन टी20 इंटरनैशनल और इतने ही वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। शुक्रवार को हैदराबाद में शुरू हो रही इस सीरीज में तकनीक द्वारा नो-बॉल पर फैसला लेने का परीक्षण किया जाएगा। आईसीसी ने एक बयान जारी कर कहा, 'इस पूरे ट्रायल के दौरान तीसरा अंपायर ही हर नो-बॉल पर फैसला करेगा। वही यह जांच करेगा कि क्या गेंदबाज ने अगली क्रीज का उल्लंघन किया है।' इसमें आगे कहा गया है, 'अगर गेंदबाज क्रीज का उल्लंघन करता है तो तीसरा अंपायर ऑन-फील्ड अंपायर से बात करेंगा। यानी मैदान पर मौजूद अंपायर तीसरे अंपायर की सहमति के बिना नो-बॉल का फैसला नहीं देगा।' आईसीसी ने कहा कि बेनेफिट ऑफ डाउट का फायदा बोलर को मिलेगा। आईसीसी की विज्ञप्ति में आगे कहा गया है, 'अगर फैसला देने में देरी होती है, तब मैदान पर मौजूद अंपायर आउट का फैसला बदलेगा (अगर बल्लेबाज आउट हुआ है तो) । बाकी सभी फैसलों के लिए पहले की तरह मैदानी अंपायर ही जिम्मेदार होगा।' इसमें आगे कहा गया है, 'इस ट्रायल को नो-बॉल की सटीकता को जांचने के पैमाने के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या इससे खेल की रफ्तार पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता है।' नो-बॉल जांचने का काम तीसरे अंपायर को सौंपने का फैसला इस साल अगस्त में किया गया था। इस सिस्टम को पहली बार 2106 में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हुई वनडे सीरीज में प्रयोग किया गया था।