लोगों से कोरोना फैलाने के लिए कहने वाला मुजीब मोहम्मद गिरफ्तार, इंफोसिस ने नौकरी से निकाला

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लोगों से कोरोना फैलाने के लिए कहने वाला मुजीब गिरफ्तार, इंफोसिस ने नौकरी से निकाला

नई दिल्ली। खुद को इंफोसिस का सीनियर टेक्नोलॉजी आर्किटेक्ट बताने वाले एक शख्स को आज बेंगलुरू पुलिस ने गिरफ्तार किया। दरअसल, इस शख्स ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर किया जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस शख्स के खिलाफ कार्यवाही की मांग उठने लगी। बेंगलुरु के संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने एक बताया कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है।” 

Infosyss Software Engineer Arrested Over Spread The Virus Post Company Sacks Him :

मुजीब मोहम्मद ने ट्वीट किया, ‘चलो हाथ मिलाएं, बाहर लोगों के बीच मुंह खोलकर छींके। कोरोना वायरस फैलाएं।’ ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया होने लगी तो इन्फोसिस में भी हलचल तेज  हो गई। पहले तो कंपनी ने कहा कि वह इन्फोसिस का कर्मचारी नहीं है, लेकिन जांच में वह उनका ही कर्मचारी निकला तो कार्रवाई की गई।  

इन्फोसिस ने ट्वीट के जरिए कहा, ‘कर्मचारी की ओर से किया गया पोस्ट इन्फोसिस के नियमों और जिम्मेदार सोशल शेयरिंग के खिलाफ है। इन्फोसिस इस तरह की हरकतों को लेकर जीरो टोलरेंस की नीति रखता है। कर्मचारी को उसकी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।’

गुरुवार को कंपनी ने कहा था कि शायद गलती से उस शख्स को इन्फोसिस का बताया जा रहा है, जिसने यह गलत ट्वीट किया है। हालांकि, कपंनी ने जांच का वादा किया था। शुक्रवार को कंपनी ने ट्वीट करके बताया कि असल में यह उसका ही कर्मचारी है।

कंपनी ने मुजीब को बर्खास्त करने की जानकारी देते हुए कहा, ‘इन्फोसिस ने एक कर्मचारी के सोशल मीडिया पोस्ट पर अपनी जांच पूरी कर ली है। हम मानते हैं कि यह गलत पहचान का मामला नहीं है।’

नई दिल्ली। खुद को इंफोसिस का सीनियर टेक्नोलॉजी आर्किटेक्ट बताने वाले एक शख्स को आज बेंगलुरू पुलिस ने गिरफ्तार किया। दरअसल, इस शख्स ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर किया जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस शख्स के खिलाफ कार्यवाही की मांग उठने लगी। बेंगलुरु के संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने एक बताया कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है।"  मुजीब मोहम्मद ने ट्वीट किया, 'चलो हाथ मिलाएं, बाहर लोगों के बीच मुंह खोलकर छींके। कोरोना वायरस फैलाएं।' ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया होने लगी तो इन्फोसिस में भी हलचल तेज  हो गई। पहले तो कंपनी ने कहा कि वह इन्फोसिस का कर्मचारी नहीं है, लेकिन जांच में वह उनका ही कर्मचारी निकला तो कार्रवाई की गई।   इन्फोसिस ने ट्वीट के जरिए कहा, 'कर्मचारी की ओर से किया गया पोस्ट इन्फोसिस के नियमों और जिम्मेदार सोशल शेयरिंग के खिलाफ है। इन्फोसिस इस तरह की हरकतों को लेकर जीरो टोलरेंस की नीति रखता है। कर्मचारी को उसकी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।' गुरुवार को कंपनी ने कहा था कि शायद गलती से उस शख्स को इन्फोसिस का बताया जा रहा है, जिसने यह गलत ट्वीट किया है। हालांकि, कपंनी ने जांच का वादा किया था। शुक्रवार को कंपनी ने ट्वीट करके बताया कि असल में यह उसका ही कर्मचारी है। कंपनी ने मुजीब को बर्खास्त करने की जानकारी देते हुए कहा, 'इन्फोसिस ने एक कर्मचारी के सोशल मीडिया पोस्ट पर अपनी जांच पूरी कर ली है। हम मानते हैं कि यह गलत पहचान का मामला नहीं है।'