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KGMU का अमानवीय व्यवहार उजागर, घंटों आइसोलेशन वार्ड के बाहर तड़पता रहा कोरोना मरीज, Tweet पर हरकत में आया प्रशासन

Inhuman Behavior Of Kgmu Exposed Corona Patient Agonizing Outside Isolation Ward Administration Came Into Action On Tweet

By टीम पर्दाफाश 
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लखनऊ। कोरोना मरीजों संग केजीएमयू का अमानवीय व्यवहार उजागर हुआ है। यहां वार्ड में भर्ती करने के बजाए गंभीर मरीज को सड़क पर छोड़ दिया गया। वह घंटों आइसोलेशन वार्ड के बाहर तड़पता रहा। गार्ड- कर्मचारी देखते रहे। मगर, नजरंदाज करते रहे। ऐसे में सीएम-डीएम को ट्वीट कर शिकायतें की गईं। इसके बाद संस्थान प्रशासन हरकत में आया।

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सुल्तानपुर के बिसानी गांव निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति को किडनी रोगी है। इसी दरम्यान उसे बुखार, जुकाम हो गया। सांस भी फूलने लगी। पत्नी मरीज को लेकर गुरुवार को केजीएमयू आईं। यहां वृद्धावस्था विभाग में बने स्कैनिंग एरिया में भर्ती किया गया। शुक्रवार को जांच में कोरोना की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे संक्रामक रोग यूनिट में बने कोरोना वार्ड में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए।

स्कैनिंग एरिया से एंबुलेंस से मरीज को कोरोना वार्ड लाया गया। यहां एंबुलेंस का स्टाफ मरीज को वार्ड के बाहर सड़क पर छोड़कर चला गया। किडनी रोगी मरीज की हालत गंभीर थी। ऐसे में वह सड़क पर ही पड़ा रहा। पत्नी व संग में आए चाचा ने मरीज को सड़क किनारे ले गए। जमीन पर घर से लाई चादर बिछाई। इस पर मरीज चार बजे से सात बजे तक पड़ा रहा।

समाज सेवी वर्षा वर्मा केजीएमयू में कैंसर पीड़ित मरीज को दवा बांटने गई थीं। कोरोना वार्ड के बाहर पड़े बेसुध मरीज के बारे में जानकारी ली। पॉजिटिव मरीज का सड़क किनारे पड़े होने की फोटो सीएम-डीएम को ट्वीट की। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन हरकत में आया। मरीज को कोरोना के इलाज के लिए भर्ती किया।

संस्थान के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक मरीज सड़क पर छोड़ जाना गंभीर मामला है। एंबुलेंस कर्मी को मरीज को लाने पर स्टाफ को सूचित करना चा हिए था। मामले की जांच की जाएगी, जो भी दोषी होगा। उस पर कार्रवाई की जाएगी। मरीज को आइसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। कोरोना वार्ड कैंपस के बीच में है। ऐसे में कोरोना मरीजों को सड़क पर छोड़ देना घातक बन सकता है। यहां से निकल रहे कर्मी व सामान्य मरीजों में भी संक्रमण का खतरा है।

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