मौत के मुंह से इस तरह लौटे बंधक बने मासूम बच्चे, देर रात मुठभेड़ में मारा गया सिरफिरा

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मौत के मुंह से इस तरह लौटे बंधक बने मासूम बच्चे, देर रात मुठभेड़ में मारा गया सिरफिरा

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के करथिया गांव में बंधक बनाए गए 26 मासूम बच्चों को 11 घंटे बाद पुलिस ने सकुशल छुड़ा लिया। वहीं, देर रात पुलिस ने मुठभेड़ में अपहरणकर्ता सुभाष बाथम को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस ने सिरफिरे के मुठभेड़ में मार गिराने की पुष्टि की। बता दें कि, मौसा की हत्या में उम्रकैद की सजा पाए सिरफिरे ने पुलिस और ग्रामीणों को परेशान करने के लिए गांव के 26 बच्चों को गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे बंधक बना लिया था।

Innocent Children Returned From Hostage In This Way Killed In A Late Night Encounter :

आरोपी सभी बच्चों को अपनी बेटी के जन्मदिन में शामिल होने के लिए बुलाया था। काफी देर बाद बच्चे नहीं लौटे तो परिजन उसके घर पहुंचे, जहां उन्हें जानकारी मिली की आरोपी सुभाष बाथम ने सभी बच्चों को बंधक बना लिया है और धमकी दे रहा है। उधर सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने बच्चों को छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना।

देर रात उसने डीएम के नाम एक टाइप किया हुआ पत्र बाहर फेंका, जिसमें लिखा है कि प्रधान ने उसे कालोनी नहीं दी और न ही शौचालय बनवाया। वहीं देर रात आइजी मोहित अग्रवाल भी गांव पहुंच गए और अफसरों से पूरी जानकारी ली। इसके बाद ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने सुभाष के घर का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाल लिया।

इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद वह छुड़ाकर अंदर भागा तो पीछे से पुलिस भी घुस गई। इस पर वह फिर फायरिंग करने लगा, जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली लगने से सुभाष की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने घर में बने बेसमेंट से बच्चों को सकुशल निकाल लिया।

मौसा की हत्या में हुई है उम्रकैद की सजा
आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि आरोपी सुभाष बाथम अपने मौसा मेघनाथ की हत्या में उम्रकैद की सजा पा चुका है। घर में चोरी की शिकायत पर उसने 2001 में मौसा की हत्या कर दी थी। 2005 में उसे उम्रकैद हुई। 10 साल जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई। करीब तीन महीने पहले एसओजी ने फतेहगढ़ में हुई चोरी के आरोप में उसे जेल भेजा था। वहां से डेढ़ माह पूर्व जमानत पर छूटा। खुद को फंसाने के शक में उसने पुलिस व ग्रामीणों से बदला लेने की योजना बना डाली।

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के करथिया गांव में बंधक बनाए गए 26 मासूम बच्चों को 11 घंटे बाद पुलिस ने सकुशल छुड़ा लिया। वहीं, देर रात पुलिस ने मुठभेड़ में अपहरणकर्ता सुभाष बाथम को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस ने सिरफिरे के मुठभेड़ में मार गिराने की पुष्टि की। बता दें कि, मौसा की हत्या में उम्रकैद की सजा पाए सिरफिरे ने पुलिस और ग्रामीणों को परेशान करने के लिए गांव के 26 बच्चों को गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे बंधक बना लिया था। आरोपी सभी बच्चों को अपनी बेटी के जन्मदिन में शामिल होने के लिए बुलाया था। काफी देर बाद बच्चे नहीं लौटे तो परिजन उसके घर पहुंचे, जहां उन्हें जानकारी मिली की आरोपी सुभाष बाथम ने सभी बच्चों को बंधक बना लिया है और धमकी दे रहा है। उधर सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने बच्चों को छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। देर रात उसने डीएम के नाम एक टाइप किया हुआ पत्र बाहर फेंका, जिसमें लिखा है कि प्रधान ने उसे कालोनी नहीं दी और न ही शौचालय बनवाया। वहीं देर रात आइजी मोहित अग्रवाल भी गांव पहुंच गए और अफसरों से पूरी जानकारी ली। इसके बाद ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने सुभाष के घर का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाल लिया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद वह छुड़ाकर अंदर भागा तो पीछे से पुलिस भी घुस गई। इस पर वह फिर फायरिंग करने लगा, जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली लगने से सुभाष की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने घर में बने बेसमेंट से बच्चों को सकुशल निकाल लिया। मौसा की हत्या में हुई है उम्रकैद की सजा आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि आरोपी सुभाष बाथम अपने मौसा मेघनाथ की हत्या में उम्रकैद की सजा पा चुका है। घर में चोरी की शिकायत पर उसने 2001 में मौसा की हत्या कर दी थी। 2005 में उसे उम्रकैद हुई। 10 साल जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई। करीब तीन महीने पहले एसओजी ने फतेहगढ़ में हुई चोरी के आरोप में उसे जेल भेजा था। वहां से डेढ़ माह पूर्व जमानत पर छूटा। खुद को फंसाने के शक में उसने पुलिस व ग्रामीणों से बदला लेने की योजना बना डाली।