‘साधना’ के बयान पर ‘अमर’ सियासत

लखनऊ। यूपी की सियासत में समाजवादी कुनबे का विवाद जगजाहिर होने के बाद कई तरह की चर्चाएँ शुरू हो गयी थी। इस विवाद की जड़ अमर सिंह को बताया गया, जिसके बाद अमर ने पार्टी और मुलायम सिंह यादव से किनारा कर लिया। यूपी विधानसभा चुनाव के पहले ही सपा विवाद ठंडे बस्ते में चला गया।




सातवें चरण के चुनाव से ठीक पहले मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता के एक बयान ने हवा के रुख को मोड दिया। साधना ने एक समाचार एजेंसी को दिये गये इंटरव्यू में कहा कि अब वो अपने बेटे प्रतीक यादव को भी राजनीति में सक्रिय देखना चाहती हैं। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि साधना ने यह बयान अमर सिंह के कहने पर दिया है। एक बार फिर कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले चुनावी परिणाम के बाद सपा-संग्राम छिड़ सकता है।


ये था साधना गुप्ता का बयान—

साधना ने कहा था, “समाजवादी परिवार में हुए विवाद का चुनाव पर असर पड़ेगा। मुझे लगता है ये जो भी हुआ, वो वक्त ने कराया। नेताजी का अपमान किसी को नहीं करना चाहिए।” साधना ने अपने बयान में कहा, ‘मेरी इच्छा है कि सपा जीते और अखिलेश फिर से मुख्यमंत्री बने। लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि अखिलेश बागी हो जाएगा। नेता जी का सम्मान बरकरार रहना चाहिए, क्योंकि नेता जी ने ही पार्टी को खड़ा किया है।’ इसी के साथ उन्होने अपने बेटे प्रतीक को भी राजनीति मे लाने की इच्छा जाहिर की।