इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान ने सिपाही के साथ मेरठ कोर्ट में किया सरेंडर

Laxmi singh
इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान ने सिपाही के साथ मेरठ कोर्ट में किया सरेंडर

लखनऊ। भ्रष्टाचार के आरोप में फरार चल रही उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान ने गुरुवार को एक सिपाही के साथ मेरठ कोर्ट में सरेंडर कर दिया। आरोपी इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। लक्ष्मी चौहान पर गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में एसएचओ रहते बरामदगी की रकम में से 70 लाख रुपये डकारने का आरोप है। इस मामले में लक्ष्मी चौहान और उनके सात साथियों पर एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण ने 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

Inspector Laxmi Singh Chauhan Surrendered In Meerut Court Along With The Constable :

लक्ष्मी सिंह के साथ सिपाही धीरज भारद्वाज ने मेरठ में एंटी करप्शन की कोर्ट में सरेंडर किया है। इससे पहले इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी लगाई है। मेरठ स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने आरोपी इंस्पेक्टर की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

गौरतलब है कि साहिबाबाद साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र स्थित सीएमएस इंफो सिस्टम कंपनी ने 22 अप्रैल को लिंक रोड थाने में कंपनी के कैश कस्टोडियन एजेंट राजीव सचान पर करीब 72.50 लाख रुपये गबन का केस दर्ज कराया था। जांच में मामला साढ़े तीन करोड़ के गबन का निकला।

पुलिस ने 24 सितंबर की रात राजीव सचान को साथी आमिर के साथ गिरफ्तार कर उनसे 1.15 करोड़ रुपये बरामद किए थे, लेकिन पुलिस करीब 70 लाख रुपये डकार गई थी। एसएसपी ने लिंक रोड की तत्कालीन एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही सभी के खिलाफ लिंक रोड थाने में मुकदमा दर्ज किया था। तभी से सभी पुलिसकर्मी फरार चल रहे हैं।

लखनऊ। भ्रष्टाचार के आरोप में फरार चल रही उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान ने गुरुवार को एक सिपाही के साथ मेरठ कोर्ट में सरेंडर कर दिया। आरोपी इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। लक्ष्मी चौहान पर गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में एसएचओ रहते बरामदगी की रकम में से 70 लाख रुपये डकारने का आरोप है। इस मामले में लक्ष्मी चौहान और उनके सात साथियों पर एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण ने 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लक्ष्मी सिंह के साथ सिपाही धीरज भारद्वाज ने मेरठ में एंटी करप्शन की कोर्ट में सरेंडर किया है। इससे पहले इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी लगाई है। मेरठ स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने आरोपी इंस्पेक्टर की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। गौरतलब है कि साहिबाबाद साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र स्थित सीएमएस इंफो सिस्टम कंपनी ने 22 अप्रैल को लिंक रोड थाने में कंपनी के कैश कस्टोडियन एजेंट राजीव सचान पर करीब 72.50 लाख रुपये गबन का केस दर्ज कराया था। जांच में मामला साढ़े तीन करोड़ के गबन का निकला। पुलिस ने 24 सितंबर की रात राजीव सचान को साथी आमिर के साथ गिरफ्तार कर उनसे 1.15 करोड़ रुपये बरामद किए थे, लेकिन पुलिस करीब 70 लाख रुपये डकार गई थी। एसएसपी ने लिंक रोड की तत्कालीन एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही सभी के खिलाफ लिंक रोड थाने में मुकदमा दर्ज किया था। तभी से सभी पुलिसकर्मी फरार चल रहे हैं।