प्रेरणादायक कहानी: मुसीबत आने पर धैर्य बनाए रखें और अपने दिमाग से काम हैं

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लखनऊ: एक गांव में एक बूढ़ा गधा रहा करता था। ये गधा रोज पूरे गांव में घूमा करता था। कई बार गांव वाले इस गधे के ऊपर अपना सामान भी लाद देते थे और इसे अपने साथ खेत ले जाते थे। इस गधे को गांव के लोगों से बहुत प्यार था और ये गधा हमेशा गांव में ही रहा करता था और कभी भी अकेले गांव से बाहर नहीं जाया करता था। वहीं एक दिन गांव का एक किसान इस गधे पर सामान लादकर, इसे अपने साथ खेत ले गया।

Inspirational Story Be Patient When Trouble Comes And Work With Your Mind :

ये किसान अन्य किसानों के साथ खेती करने में व्यस्त हो गया। जबकि ये गधा खेत में घूमने लगा गया। तभी अचनाक से इस गधे का पैर फिसल गया और ये गधा खेत में बने एक सूखे कुएं में जा गिरा। कुएं में गिरने के बाद इस गधे ने जोर से चिलान शुरू कर दिया। गधे की आवाज सुनकर आस पास के खेतों में काम करने वाले लोग कुएं के पास आ गए और लोगों ने इस गधे को कुएं के अंदर गिरा हुआ पाया। सभी लोग इस सोच में पड़ गए की आखिर कैसे इस गधे को कुएं से निकाला जाए।

तभी एक किसान ने कहा, क्यों ना हम में से कोई एक कुएं के अंदर जाए और इस गधे को रस्सी से बांध दें। रस्सी से बांधने के बाद हम इस गधे को ऊपर खींच लेंगे। लेकिन कुआ काफी गहरा था और किसी के अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी कि वो कुएं के अंदर जाकर गधे को रस्सी से बांध दें। इसलिए इस सुझाव को किसी ने भी नहीं माना।

काफी समय तक विचार करने के बाद एक अन्य किसान ने कहा, ये गधा तो काफी बूढ़ा हो रखा है। इसके दिन तो वैस भी पूरे हो रखें हैं। और क्या पता कुएं में गिरने के बाद इसे चोट भी आ गई हो और ये मरने की हालत में हो। इसलिए हम सब इस गधे को कुएं में ऐसे ही छोड़ देते हैं। हर कोई इस बात पर सहमत हो गया और सब ने गधे को कुएं में छोड़ना का फैसला कर लिया। लेकिन तभी एक व्यक्ति ने कहा, इस जगह पर हम लोग भी काम करते हैं आज ये गधा गिरा है, क्या पता कल हम गिर जाएं, तो क्यों ना हम लोग मिलकर इस कुएं को मिट्टी से भर दें। ताकि आगे चलकर कोई और इसके अंदर ना गिरे।

ये बात सुनने के बाद हर किसी ने कुएं के अंदर मिट्टी डालना शुरू कर दी। वहीं मिट्टी को अपने ऊपर गिरता देख गधा डर गया और इस सोच में पड़ गया कि कैसे वो अपनी जान को बचाएं। तभी गधे को एक विचार आया कि क्यों ने मैं उछल कर इस मिट्टी के ऊपर आ जाओं। फिर क्या था जैसे जैसे लोग कुएं के अंदर मिट्टी भरने लगे ये गधा उछल कर मिट्टी के ऊपर आने लगा और धीरे-धीरे ये गधा कुएं के मुंह तक पहुंच गया और कूद कर कुएं से बाहर आ गया।

कहानी से मिली शिक्षा

मुसीबत आने पर आप उससे डरे नहीं बल्कि उसका हल निकालें। जिस तरह से इस गधे ने अपने दिमाग का इस्तेमाल कर खुद को कुएं से निकाला, उसी तरह से हम भी मुसीबत आने पर अगर दिमाग से काम लें, तो मुसीबत का हल निकाला जा सकता है।

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लखनऊ: एक गांव में एक बूढ़ा गधा रहा करता था। ये गधा रोज पूरे गांव में घूमा करता था। कई बार गांव वाले इस गधे के ऊपर अपना सामान भी लाद देते थे और इसे अपने साथ खेत ले जाते थे। इस गधे को गांव के लोगों से बहुत प्यार था और ये गधा हमेशा गांव में ही रहा करता था और कभी भी अकेले गांव से बाहर नहीं जाया करता था। वहीं एक दिन गांव का एक किसान इस गधे पर सामान लादकर, इसे अपने साथ खेत ले गया। ये किसान अन्य किसानों के साथ खेती करने में व्यस्त हो गया। जबकि ये गधा खेत में घूमने लगा गया। तभी अचनाक से इस गधे का पैर फिसल गया और ये गधा खेत में बने एक सूखे कुएं में जा गिरा। कुएं में गिरने के बाद इस गधे ने जोर से चिलान शुरू कर दिया। गधे की आवाज सुनकर आस पास के खेतों में काम करने वाले लोग कुएं के पास आ गए और लोगों ने इस गधे को कुएं के अंदर गिरा हुआ पाया। सभी लोग इस सोच में पड़ गए की आखिर कैसे इस गधे को कुएं से निकाला जाए। तभी एक किसान ने कहा, क्यों ना हम में से कोई एक कुएं के अंदर जाए और इस गधे को रस्सी से बांध दें। रस्सी से बांधने के बाद हम इस गधे को ऊपर खींच लेंगे। लेकिन कुआ काफी गहरा था और किसी के अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी कि वो कुएं के अंदर जाकर गधे को रस्सी से बांध दें। इसलिए इस सुझाव को किसी ने भी नहीं माना। काफी समय तक विचार करने के बाद एक अन्य किसान ने कहा, ये गधा तो काफी बूढ़ा हो रखा है। इसके दिन तो वैस भी पूरे हो रखें हैं। और क्या पता कुएं में गिरने के बाद इसे चोट भी आ गई हो और ये मरने की हालत में हो। इसलिए हम सब इस गधे को कुएं में ऐसे ही छोड़ देते हैं। हर कोई इस बात पर सहमत हो गया और सब ने गधे को कुएं में छोड़ना का फैसला कर लिया। लेकिन तभी एक व्यक्ति ने कहा, इस जगह पर हम लोग भी काम करते हैं आज ये गधा गिरा है, क्या पता कल हम गिर जाएं, तो क्यों ना हम लोग मिलकर इस कुएं को मिट्टी से भर दें। ताकि आगे चलकर कोई और इसके अंदर ना गिरे। ये बात सुनने के बाद हर किसी ने कुएं के अंदर मिट्टी डालना शुरू कर दी। वहीं मिट्टी को अपने ऊपर गिरता देख गधा डर गया और इस सोच में पड़ गया कि कैसे वो अपनी जान को बचाएं। तभी गधे को एक विचार आया कि क्यों ने मैं उछल कर इस मिट्टी के ऊपर आ जाओं। फिर क्या था जैसे जैसे लोग कुएं के अंदर मिट्टी भरने लगे ये गधा उछल कर मिट्टी के ऊपर आने लगा और धीरे-धीरे ये गधा कुएं के मुंह तक पहुंच गया और कूद कर कुएं से बाहर आ गया। कहानी से मिली शिक्षा मुसीबत आने पर आप उससे डरे नहीं बल्कि उसका हल निकालें। जिस तरह से इस गधे ने अपने दिमाग का इस्तेमाल कर खुद को कुएं से निकाला, उसी तरह से हम भी मुसीबत आने पर अगर दिमाग से काम लें, तो मुसीबत का हल निकाला जा सकता है। स्त्री को यह 3 काम करते हुए देखना, शास्त्रों में बताया गया है सबसे बड़ा पाप