आईएनएक्स मीडिया केस: चिदंबरम और उनके बेटे मुश्किलें बढ़ गई, ED की पहली चार्जशीट में दोनों का नाम

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नई दिल्ली: देश के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बहुचर्चित आईएनएक्स मीडिया केस की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में पहली चार्जशीट दायर कर दी है. ईडी की ओर से दायर की गई इस चार्जशीट में पी चिदंबरम का भी नाम है.

Inx Media Case Chidambaram And His Son Face Problems Both Named In Eds First Charge Sheet :

ईडी ने पी चिदंबरम के साथ ही उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को भी इस मामले में आरोपी बनाया है. चार्जशीट में पी चिदंबरम और उनके पुत्र के अलावा अन्य को भी आरोपी बनाया गया है. गौरतलब है कि इस मामले में ईडी ने चिदंबरम को गिरफ्तार भी किया था. चिदंबरम को तब 106 दिन तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा था.

पी चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 5 दिसंबर 2019 को तिहाड़ जेल से रिहा हुए थे. पी चिदंबरम पर साल 2007 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है.

चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने विदेशों से 305 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को गैरकानूनी तरीके से एफआईपीबी से मंजूरी दिलाई. पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम को इस मामले में साल 2018 में गिरफ्तार किया गया था.

बता दें कि पिछले दिनों ईडी की जांच में पी चिदंबरम से आईएनएक्स मीडिया के पीटर और इंद्राणी मुखर्जी के इस सिलसिले में मुलाकात करने की बात भी सामने आई थी.

नई दिल्ली: देश के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बहुचर्चित आईएनएक्स मीडिया केस की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में पहली चार्जशीट दायर कर दी है. ईडी की ओर से दायर की गई इस चार्जशीट में पी चिदंबरम का भी नाम है. ईडी ने पी चिदंबरम के साथ ही उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को भी इस मामले में आरोपी बनाया है. चार्जशीट में पी चिदंबरम और उनके पुत्र के अलावा अन्य को भी आरोपी बनाया गया है. गौरतलब है कि इस मामले में ईडी ने चिदंबरम को गिरफ्तार भी किया था. चिदंबरम को तब 106 दिन तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा था. पी चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 5 दिसंबर 2019 को तिहाड़ जेल से रिहा हुए थे. पी चिदंबरम पर साल 2007 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है. चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने विदेशों से 305 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को गैरकानूनी तरीके से एफआईपीबी से मंजूरी दिलाई. पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम को इस मामले में साल 2018 में गिरफ्तार किया गया था. बता दें कि पिछले दिनों ईडी की जांच में पी चिदंबरम से आईएनएक्स मीडिया के पीटर और इंद्राणी मुखर्जी के इस सिलसिले में मुलाकात करने की बात भी सामने आई थी.