INX media case: पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की मुश्किले नहीं हो रही कम, कोर्ट ने फिर खारिज की जमानत याचिका

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INX media case: पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की मुश्किले नहीं हो रही कम, कोर्ट ने फिर खारिज जमानत याचिका

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। दरअसल एक बार फिर कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। शुक्रवार को कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि इस मामले में गिरफ्तार हुए पी चिदंबरम ने 11 सितंबर को जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज खटखटाया था।

Inx Media Case Former Finance Minister P Chidambaram Is Not Getting Any Less Court Again Rejects Bail Plea :

चिदंबरम की जमानत को लेकर उनके खिलाफ अदालत में बहस कर रहे सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जमानत देने पर पूर्व वित्त मंत्री के फरार होने का रिस्क है। उन्होने कहा कि हो सकता है कि जमानत मिलने के बाद वो देश छोड़कर भाग सकते हैं, क्योंकि उनके पास किसी बाहरी देश में रहने के लिए काफी पैसा है।

सीबीआई ने 2007 में तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड से आईएनएक्स मीडिया समूह को 305 करोड़ रूपए के विदेशी निवेश की मंजूरी देने में हुईं कथित अनियमितताओं को लेकर 15 मई, 2017 को एफआईआर दर्ज की थी।

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। दरअसल एक बार फिर कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। शुक्रवार को कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि इस मामले में गिरफ्तार हुए पी चिदंबरम ने 11 सितंबर को जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज खटखटाया था। चिदंबरम की जमानत को लेकर उनके खिलाफ अदालत में बहस कर रहे सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जमानत देने पर पूर्व वित्त मंत्री के फरार होने का रिस्क है। उन्होने कहा कि हो सकता है कि जमानत मिलने के बाद वो देश छोड़कर भाग सकते हैं, क्योंकि उनके पास किसी बाहरी देश में रहने के लिए काफी पैसा है। सीबीआई ने 2007 में तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड से आईएनएक्स मीडिया समूह को 305 करोड़ रूपए के विदेशी निवेश की मंजूरी देने में हुईं कथित अनियमितताओं को लेकर 15 मई, 2017 को एफआईआर दर्ज की थी।