INX MEDIA CASE : पी चिदंबरम को नहीं मिली राहत, जमानत याचिका HC ने की खारिज

P Chidambaram
INX MEDIA CASE : पी चिदंबरम को नहीं मिली राहत, जमानत याचिका HC ने की खारिज

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। दिल्ली हाईकोर्ट ने पी चिदंबरम की याचिका को खारिज कर दिया है। पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। तब से ही चिदंबरम तिहाड़ जेल में बंद हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत की मांग करते हुए कहा गया था कि आईएनएक्स मीडिया मामले के सभी दस्तावेज जांच एजेंसियों के पास हैं, इसलिए उनके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

Inx Media Case P Chidambaram Did Not Get Relief Bail Plea Rejected By Hc :

ईडी ने आठ नवंबर को चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध किया था। इसके साथ कहा था कि जमानत मिलने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ईडी की तरफ से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि पूर्व वित्तमंत्री पर चल रहा धन शोधन मामला काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि यह एक आर्थिक अपराध है जो काफी जघन्य श्रेणी में आता है।

बता दें कि, 21 अगस्त को सीबीआई ने पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि इस समय वह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में ईडी की कस्टडी में हैं। सीबीआई ने उनके खिलाफ 15 मई, 2017 को एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उन पर साल 2007 में आईएनएक्स मीडिया ग्रुप के लिए आने वाले 305 करोड़ के विदेशी फंड के लिए फॉरेन इंवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से गलत तरीके से अनुमतियां लेने का आरोप लगाया गया था।

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। दिल्ली हाईकोर्ट ने पी चिदंबरम की याचिका को खारिज कर दिया है। पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। तब से ही चिदंबरम तिहाड़ जेल में बंद हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत की मांग करते हुए कहा गया था कि आईएनएक्स मीडिया मामले के सभी दस्तावेज जांच एजेंसियों के पास हैं, इसलिए उनके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। ईडी ने आठ नवंबर को चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध किया था। इसके साथ कहा था कि जमानत मिलने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ईडी की तरफ से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि पूर्व वित्तमंत्री पर चल रहा धन शोधन मामला काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि यह एक आर्थिक अपराध है जो काफी जघन्य श्रेणी में आता है। बता दें कि, 21 अगस्त को सीबीआई ने पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि इस समय वह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में ईडी की कस्टडी में हैं। सीबीआई ने उनके खिलाफ 15 मई, 2017 को एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उन पर साल 2007 में आईएनएक्स मीडिया ग्रुप के लिए आने वाले 305 करोड़ के विदेशी फंड के लिए फॉरेन इंवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से गलत तरीके से अनुमतियां लेने का आरोप लगाया गया था।