INX मीडिया केस : जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पी चिदंबरम, दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिक की थी खारिज

P Chidambaram
INX मीडिया केस : जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पी चिदंबरम, दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिक की थी खारिज

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं, अब दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए पी चिदंबरम ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने जल्द सुनवाई की मांग की। इस पर चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने कहा कि वह मंगलवार या बुधवार को सुनवाई करेंगे।

Inx Media Case P Chidambaram Reaches Supreme Court For Bail Delhi High Court Rejects Bail Plea :

बता दें कि, आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देने से इंकार कर दिया था। चिदंबरम ने यह कहते हुए जमानत का अनुरोध किया था कि साक्ष्य दस्तावेजी प्रकृति के हैं और ये जांच एजेंसियों के पास हैं। इसलिए, वह उनमें छेड़छाड़ नहीं कर सकते। वहीं, ईडी ने जमानत याचिका का जोरदार विरोध करते हुए दलील दी थी कि वह गवाहों को प्रभावित करने तथा धमकी देने की कोशिश कर सकते हैं।

चिदंबरम ने उन्हें सीबीआई के मामले में जमानत देने के सुप्रीम कोर्ट के 22 अक्तूबर के आदेश का जिक्र किया और इस बात उल्लेख किया कि यह कहा गया था कि भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ साक्ष्य से छेड़छाड़ करने, विदेश भागने और गवाहों को प्रभावित करने का कोई सबूत नहीं है।

बता दें कि, हाईकोर्ट ने एक नवंबर को चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए तिहाड़ जेल अधीक्षक को उन्हें स्वच्छ वातावरण और स्वच्छ पेयजल, घर में पकाया गया भोजन, मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली मशीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं, अब दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए पी चिदंबरम ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने जल्द सुनवाई की मांग की। इस पर चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने कहा कि वह मंगलवार या बुधवार को सुनवाई करेंगे। बता दें कि, आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देने से इंकार कर दिया था। चिदंबरम ने यह कहते हुए जमानत का अनुरोध किया था कि साक्ष्य दस्तावेजी प्रकृति के हैं और ये जांच एजेंसियों के पास हैं। इसलिए, वह उनमें छेड़छाड़ नहीं कर सकते। वहीं, ईडी ने जमानत याचिका का जोरदार विरोध करते हुए दलील दी थी कि वह गवाहों को प्रभावित करने तथा धमकी देने की कोशिश कर सकते हैं। चिदंबरम ने उन्हें सीबीआई के मामले में जमानत देने के सुप्रीम कोर्ट के 22 अक्तूबर के आदेश का जिक्र किया और इस बात उल्लेख किया कि यह कहा गया था कि भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ साक्ष्य से छेड़छाड़ करने, विदेश भागने और गवाहों को प्रभावित करने का कोई सबूत नहीं है। बता दें कि, हाईकोर्ट ने एक नवंबर को चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए तिहाड़ जेल अधीक्षक को उन्हें स्वच्छ वातावरण और स्वच्छ पेयजल, घर में पकाया गया भोजन, मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली मशीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।