INX मीडिया केस : ईडी मामले में पी. चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट से मांगी जमानत

p.chidambram
आईएनएक्स मीडिया केस : ईडी मामले में पी. चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट से मांगी जमानत

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया केस मामले में पी. चिदंबरम को मंगलवार जमानत मिल गई है। हालांकि, इसी मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले में वह जमानत चाहते हैं। चिदंबरम अभी 24 अक्टूबर तक ईडी की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं। पी. चिदंबरम ने अपनी जमानत याचिका में कहा है कि ईडी की गिरफ्तारी बदनीयती से की गई है। इसका मकसद याचिकाकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है।

Inx Media Case P Chidambaram Sought Bail From Delhi High Court In Ed Case :

इस मामले में ईडी हिरासत को एक हफ्ते बढ़ाने की मांग कर सकती है। चिदंबरम की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हो सकती है। इस याचिका में साफ किया गया है कि पी. चिंदबरम जांच में सहयोग कर रहे हैं। किसी भी तरह से साक्ष्यों को प्रभावित नहीं कर रहे हैं। सीबीई मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई जमानत का भी इस याचिका में जिक्र किया गया है।

इसके साथ यह भी कहा गया है कि सभी साक्ष्य दस्तावेजों के रूप में है इसलिए किसी भी तरह से साक्ष्यों को तोड़ा मरोड़ा नहीं जा सकता है। इसलिए जमानत दे दी जाए। बता दें कि, सीबीआई के केस में पी. चिदंबरम को एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत तो मिल गई है लेकिन इस बेल के बाद भी चिदंबरम तिहाड़ जेल में रहेंगे। क्योंकि वह 24 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कस्टडी में है।

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया केस मामले में पी. चिदंबरम को मंगलवार जमानत मिल गई है। हालांकि, इसी मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले में वह जमानत चाहते हैं। चिदंबरम अभी 24 अक्टूबर तक ईडी की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं। पी. चिदंबरम ने अपनी जमानत याचिका में कहा है कि ईडी की गिरफ्तारी बदनीयती से की गई है। इसका मकसद याचिकाकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है। इस मामले में ईडी हिरासत को एक हफ्ते बढ़ाने की मांग कर सकती है। चिदंबरम की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हो सकती है। इस याचिका में साफ किया गया है कि पी. चिंदबरम जांच में सहयोग कर रहे हैं। किसी भी तरह से साक्ष्यों को प्रभावित नहीं कर रहे हैं। सीबीई मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई जमानत का भी इस याचिका में जिक्र किया गया है। इसके साथ यह भी कहा गया है कि सभी साक्ष्य दस्तावेजों के रूप में है इसलिए किसी भी तरह से साक्ष्यों को तोड़ा मरोड़ा नहीं जा सकता है। इसलिए जमानत दे दी जाए। बता दें कि, सीबीआई के केस में पी. चिदंबरम को एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत तो मिल गई है लेकिन इस बेल के बाद भी चिदंबरम तिहाड़ जेल में रहेंगे। क्योंकि वह 24 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कस्टडी में है।