मंत्री जी की इस हरकत पर भड़क उठीं प्रीति जिंटा

मंत्री जी की इस हरकत पर भड़क उठीं प्रीति जिंटा
मंत्री जी की इस हरकत पर भड़क उठीं प्रीति जिंटा
नई दिल्ली। आइपीएल 2018 में किंग्स इलेवन पंजाब की सह- मालिकन प्रीति जिंटा का गुस्सा खूब चर्चा में हैं। पहले अपनी टीम के मेंटर वीरेंद्र सहवाग के साथ उनकी बहस की खबरों ने सुर्खियां बटोरी तो अब एक मंत्री जी पर उनके भड़कने की खबर है। टीम के प्रंबधन को उम्मीद थी कि इंदौरवासियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश सरकार और पुलिस व्यवस्था उनकी हर सभंव मदद करेगी। लेकिन पिछले कई दिनों से एमपी सरकार और प्रशासन और किंग्स इलेवन पंजाब के…

नई दिल्ली। आइपीएल 2018 में किंग्स इलेवन पंजाब की सह- मालिकन प्रीति जिंटा का गुस्सा खूब चर्चा में हैं। पहले अपनी टीम के मेंटर वीरेंद्र सहवाग के साथ उनकी बहस की खबरों ने सुर्खियां बटोरी तो अब एक मंत्री जी पर उनके भड़कने की खबर है। टीम के प्रंबधन को उम्मीद थी कि इंदौरवासियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश सरकार और पुलिस व्यवस्था उनकी हर सभंव मदद करेगी।

लेकिन पिछले कई दिनों से एमपी सरकार और प्रशासन और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच रिश्ते तल्ख है। दोनों के बीच मनमुटाव से शुरू हुई ये लड़ाई अब आर-पार के मोड में आ चुकी है। टीम की सहमालकिन ने प्रीति जिंटा ने हाल ही में प्रेस कांफ्रेस करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की थी। अब इस पूरे विवाद में मध्यप्रदेश सरकार के एक कद्दावर मंत्री आ चुके हैं। जिससे मामला और बड़ा हो गया है।

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दर्शक से प्रशासन तक सब नाराज

दर्शक इसलिए : मोहाली में न्यूनतम दर 500 रुपए थी तो इंदौर में यही 900 रुपए।

प्रशासन इसलिए : फ्रेंचाइजी की को-ऑनर प्रीति जिंटा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाए कि प्रशासन के साथ फाइन ट्यूनिंग नहीं रही। इससे नाराज अफसरों ने कॉम्पलीमेंटरी टिकट लौटा दिए।

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पुलिस इसलिए : फ्रेंचाइजी पुलिस विभाग को मांग के अनुसार टिकट नहीं दे सकी।

नगर निगम : महापौर और निगम को गैलरी के 200 टिकट मिले। वहीं, ग्रीन काॅन्सेप्ट में महापौर को तवज्जो नहीं मिली। महापौर ने भी टिकट लौटा दिए। निगम ने मनोरंजन कर का नोटिस दिया।

हमने एक भी टिकट नहीं लिया : कलेक्टर निशांत वरवड़े का कहना है कि फ्रेंचाइजी से हमने एक भी टिकट नहीं लिया। वहीं, डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र का कहना है कि पुलिस विभाग ने डयूटी निभाई है। टिकट की मांग वाली कोई बात नहीं है।

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क्या है पूरा मामला

14 मई को पंजाब और कोलकाता के बीच मुकाबला इंदौर में खेला गया था। इस मैच को देखने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह अपने पूरे परिवार के साथ आए थें। लेकिन शाह को मैच देखने के लिए किंग्स इलेवन पंजाब की फ्रेंचाइजी ने गैलरी के पास दिए। जिसे देखकर मंत्री विजय शाह भड़क उठे। शाह को मंत्री होने के नाते के यह उम्मीद थी कि उन्हें वीआईपी पास दिया जाएगा। लेकिन फेंचाइजी के इस कदम से उन्हें चोट पहुंची। जिसके बाद उन्होंने विभागीय कारवाई कराते हुए बड़ा और कड़ा कदम उठा लिया।

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