IPS अमिताभ ठाकुर के घर पर छापे की रिपोर्ट कोर्ट ने की तलब

लखनऊ: सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव के ‌कथित धमकी वाले ऑडियो टेप के बाद लगातार विवादों में रहने वाले आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के घर आय से अधिक संपत्ति मामले में विजीलेंस ने मंगलवार छापेमारी की| छापे के दौरान अनियमितता बरतने के आरोपों को लेकर भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश के समक्ष सर्च टीम को दंडित करने और विवेचना की मॉनीटरिंग करने की मांग वाली अर्जी बुधवार को दी गई। कोर्ट ने सतर्कता अधिष्ठान से रिपोर्ट तलब करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 16 अक्तूबर तय की है।

कोर्ट में बुधवार को अमिताभ ठाकुर ने अर्जी देकर बताया कि 13 अक्तूबर को सतर्कता अधिष्ठान गोमतीनगर की पुलिस ने उनकेघर को घेर लिया और कोर्ट से जारी सर्च वारंट दिखाया। बताया गया कि सर्च केदौरान अधिकारियों ने कोई स्वतंत्र गवाह नहीं लिया, साथ ही मनमर्जी से सर्च किया। आरोप लगाया गया कि सर्च टीम ने पूरे घर का सर्च वारंट होने के बावजूद मात्र तीन अलमारियों को सर्च किया। इसके अलावा अधिकारियों ने जो सर्च लिस्ट बनाई उसमें हस्ताक्षर करते समय अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने यह टिप्पणी लिख दी कि कुछ अलमारियों को सर्च नहीं किया गया|

इस पर विजलेंस के अफसर दद्दन चौबे ने नूतन ठाकुर के हाथ से संबंधित कागजों को छीन लिया और उसकी प्रति देने से मना कर दिया। अर्जी में सर्च टीम को दंडित करने की मांग करते हुए कहा गया कि सतर्कता निदेशक भानु प्रताप सिंह, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दबाव में पक्षपातपूर्ण ढंग से विवेचना कर रहे हैं लिहाजा कोर्ट विवेचना की मॉनीटरिंग करें।

बता दें कि हाईकोर्ट ने पिछले दिनों यूपी सरकार से कहा था कि अमिताभ और उनकी पत्नी नूतन के मामले में सरकार प्रताड़ना के तहत कार्रवाई न करे। इससे पहले विजिलेंस टीम ठाकुर से प्रॉपर्टी की जानकारी ले चुकी है। मुलायम के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उनके खिलाफ रेप का मामला भी दर्ज हुआ था। सपा प्रमुख के इस मामले के प्रकाश में आने के बाद यूपी की अखिलेश सरकार ने आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को सस्पेंड कर दिया| यूपी सरकार ने इस संबंध में एक विज्ञप्ति जारी किया जिसमें कहा गया कि सरकार ने ठाकुर को सर्विस कंडक्ट रूल्स तोड़ने के आरोप में सस्पेंड किया है|