ऑडियो प्रकरण : आईपीएस ने अपनी गर्दन फंसती देख सिपाही को बनाया बलि का बकरा

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ऑडियो प्रकरण : आईपीएस ने अपनी गर्दन फंसती देख सिपाही को बनाया बलि का बकरा

बिजनौर। बिजनौर के थाना नगीना में तैनात ट्रेनी आईपीएस के नाम पर सिपाही द्वारा सटटेबाज से चार देसी मुर्गे मांगने की ऑडियो वायरल होने के मांमले में पुलिस की फजीहत अभी कम नही हुई थी कि ट्रेनी आईपीएस द्वारा ऑडियो प्रकरण को दरकिनार कर सिपाही पर चुनाव डयूटी में गैरहाजिर होने का मुकदमा दर्ज करा दिया। यहीं उसके गले की फांस बन गया। बता दें कि सिपाही के पास तीनों जनपदो की चुनाव डयूटी के के रिलीविंग आर्डर मौजूद हैं। हैरत की बात ये है कि इस मुकदमें में आईपीएस खुद ही वादी बना हुआ है। अब चर्चा है कि अधिकारी ने अपनी गर्दन बचाने के लिए सिपाही को बलि का बकरा बना दिया।

Ips Ne Apanee Gardan Phansatee Dekh Sipaahee Ko Banaaya Bali Ka Bakara :

गौरतलब हो कि यहां के नगीना थाने में तैनात सिपाही बालिस्टर की एक हफ्ता पूर्व ऑडियो वायरल हुई थी, जिसमें सिपाही नगर के सटटेबाज शमासाद से ट्रेनी आईपीएस सत्यजीत गुप्ता के लिये चार देसी मुर्गो की मांग कर रहा था। मामला सोशल मीडिया पर आ गया तो उसकी फजीहत हो गई। अधिकारियों की फटकार के साथ ही मीडिया ने सवाल पूछने शुरु किए तो वो बौखला गए। जिसके बाद उन्होने अपनी साख बचाने के लिए सिपाही पर गाज गिराने की योजना बना डाली। उन्होने 10 मई को आरोपी सिपाही बालिस्टर के खिलाफ चुनाव डयूटी में गैरहाजिर होने का मुकदमा अपराध संख्या 0164/19 धारा 29, 134 दर्ज कराया। जबकि सिपाही ने अपनी पूरी चुनाव डयूटी पूरी मुस्तैदी के साथ की।

सूत्रों की माने तो सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पहले तो आईपीएस ने थाने के स्टाफ पर दबाव बनाया, लेकिन जब कोई तैयार नहीं हुआ तो मजबूरन उन्हे खुद ही मुकदमे का वादी बनना पडा। अब सिपाही के चुनाव डयूटी पर मौजूद रहने की बात सामने आने पर आईपीएस सत्यजीत गुप्ता की और ज्यादा किरकिरी होने लगी है। वहीं सटोरिये से मुर्गे की डिमांड करना ये साबित करता है कि पुलिस और अपराधियों में कितना गठजोड़ है, और जब मामला ट्रेनिंग पर आये आईपीएस सेवा के अधिकारी से जुड़ा है तो मामला और भी गंभीर हो जाता है।

बिजनौर। बिजनौर के थाना नगीना में तैनात ट्रेनी आईपीएस के नाम पर सिपाही द्वारा सटटेबाज से चार देसी मुर्गे मांगने की ऑडियो वायरल होने के मांमले में पुलिस की फजीहत अभी कम नही हुई थी कि ट्रेनी आईपीएस द्वारा ऑडियो प्रकरण को दरकिनार कर सिपाही पर चुनाव डयूटी में गैरहाजिर होने का मुकदमा दर्ज करा दिया। यहीं उसके गले की फांस बन गया। बता दें कि सिपाही के पास तीनों जनपदो की चुनाव डयूटी के के रिलीविंग आर्डर मौजूद हैं। हैरत की बात ये है कि इस मुकदमें में आईपीएस खुद ही वादी बना हुआ है। अब चर्चा है कि अधिकारी ने अपनी गर्दन बचाने के लिए सिपाही को बलि का बकरा बना दिया। गौरतलब हो कि यहां के नगीना थाने में तैनात सिपाही बालिस्टर की एक हफ्ता पूर्व ऑडियो वायरल हुई थी, जिसमें सिपाही नगर के सटटेबाज शमासाद से ट्रेनी आईपीएस सत्यजीत गुप्ता के लिये चार देसी मुर्गो की मांग कर रहा था। मामला सोशल मीडिया पर आ गया तो उसकी फजीहत हो गई। अधिकारियों की फटकार के साथ ही मीडिया ने सवाल पूछने शुरु किए तो वो बौखला गए। जिसके बाद उन्होने अपनी साख बचाने के लिए सिपाही पर गाज गिराने की योजना बना डाली। उन्होने 10 मई को आरोपी सिपाही बालिस्टर के खिलाफ चुनाव डयूटी में गैरहाजिर होने का मुकदमा अपराध संख्या 0164/19 धारा 29, 134 दर्ज कराया। जबकि सिपाही ने अपनी पूरी चुनाव डयूटी पूरी मुस्तैदी के साथ की। सूत्रों की माने तो सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पहले तो आईपीएस ने थाने के स्टाफ पर दबाव बनाया, लेकिन जब कोई तैयार नहीं हुआ तो मजबूरन उन्हे खुद ही मुकदमे का वादी बनना पडा। अब सिपाही के चुनाव डयूटी पर मौजूद रहने की बात सामने आने पर आईपीएस सत्यजीत गुप्ता की और ज्यादा किरकिरी होने लगी है। वहीं सटोरिये से मुर्गे की डिमांड करना ये साबित करता है कि पुलिस और अपराधियों में कितना गठजोड़ है, और जब मामला ट्रेनिंग पर आये आईपीएस सेवा के अधिकारी से जुड़ा है तो मामला और भी गंभीर हो जाता है।