ईरान पर फिर भारत के आगे झुका अमेरिका, चाबहार में भी भारत को दिया छूट

ईरान पर फिर भारत के आगे झुका अमेरिका, चाबहार में भी भारत को दिया छूटईरान पर फिर भारत के आगे झुका अमेरिका, चाबहार में भी भारत को दिया छूट
ईरान पर फिर भारत के आगे झुका अमेरिका, चाबहार में भी भारत को दिया छूट

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नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान पर 5 नवंबर को तमाम प्रतिबंध लगा दिए लेकिन चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट को राहत दे दी है। इसे भारत की बड़ी जीत माना जा रहा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार पोर्ट को चीन द्वारा विकसित पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट का जवाब माना जा रहा है। चाबहार के जरिये भारत पाकिस्तान जाए बगैर अफगानिस्तान से सीधा संपर्क स्थापित कर सकेगा और वहां माल इत्यादि भेज सकेगा।

अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘बेहद सोच-विचार के बाद विदेश मंत्री ने चाबहार पोर्ट के विकास, अफगानिस्तान में इस्तेमाल आनेवाले गैर-प्रतिबंधात्मक वस्तुओं की ढुलाई के लिए संबंधित रेलवे लाइन के निर्माण के साथ-साथ ईरान के पेट्रोलियम उत्पादों के आयात से ईरान फ्रीडम ऐंड काउंटर-प्रोलिफरेशन ऐक्ट, 2012 के तहत भारत को कुछ प्रतिबंधों से छूट दे दी है।’

ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के लागू होने के बाद अब चाबहार का भविष्य क्या होगा, इस सवाल के जवाब में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, “इस छूट का संबंध अफगानिस्तान के पुनर्निमाण और आर्थिक विकास में सहयोग से है। अफगानिस्तान के विकास और वहां मानवीय सुविधाएं मुहैया कराने में मदद के लिहाज से ये काम जरूरी हैं।”

अमेरिका ने 5 नवंबर को ईरान के ‘बर्ताव’ में बदलाव लाने के मकसद से अब तक का सबसे कठोर प्रतिबंध लागू करने का ऐलान किया। ईरान के बैंकिंग एवं ऊर्जा क्षेत्र प्रतिबंधों के दायरे में आ चुके हैं। लागू प्रतिबंध के मुताबिक, उन यूरोपीय, एशियाई एवं अन्य देशों तथा कंपनियों पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है जो ईरान से तेल आयात करेंगे।

दो साल पहले भारत ने किया था समझौता

भारत और अफगानिस्तान ने मई 2016 में तीनों देशों में ट्रांजिट-ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर स्थापित करने को लेकर एक समझौता किया था। इसके तहत चाबहार पोर्ट को ईरान में समुद्री परिवहन के एक रीजनल हब के तौर पर विकसित किया जाना है। तीनों देशों में वस्तुओं और यात्रियों की आवाजाही के लिए परिवहन के विभिन्न साधनों को विकसित किए जाने का भी समझौता हुआ है।

भारत को ईरान में चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए मिली छूट अगस्त महीने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दक्षिण एशियाई रणनीति से प्रेरित है। इसमें कहा गया है कि अफगानिस्तान में शांति और विकास की वापसी में भारत की बड़ी भूमिका है।

नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान पर 5 नवंबर को तमाम प्रतिबंध लगा दिए लेकिन चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट को राहत दे दी है। इसे भारत की बड़ी जीत माना जा रहा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार पोर्ट को चीन द्वारा विकसित पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट का जवाब माना जा रहा है। चाबहार के जरिये भारत पाकिस्तान जाए बगैर अफगानिस्तान से सीधा संपर्क स्थापित कर सकेगा और वहां माल इत्यादि भेज सकेगा। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, 'बेहद…