ईराक-ईरान सीमा क्षेत्र में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 200 के पार

ईराक और ईरान के सीमा क्षेत्र में रविवार की रात करीब 9.30 बजे आए 7.3 तीव्रता के भूकंप ने दोनों देशों को जान माल का भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक इस भूकंप में मरने वालों की संख्या 200 से पार हो चुकी है जबकि हजारों की संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती करवाए गए हैं।

Iraq Iran Border Area Earthquake Causes Massive Loss Death Toll Raised To 200 Plus Earthquake News Update :

एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप प्रभावित इलाके के आठ गांव पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। कई जगहों पर भारी मात्रा में भूस्खलन होने के कारण राहत कार्य पूरी गति से शरू नहीं हो पाया है। इलाके में सैकड़ों मकान, दुकान और दफ्तर मलबे के ढ़ेरों में तब्दील हो चुके हैं।

इस आपदा के कुछ वीडियो सोशल मीडिया के जरिए सामने आए हैं जिनमें से एक हम आपके साथ साझा कर रहे हैं।

इराक सीमा पर स्थित ईरान के करमनशाह प्रांत के उपराज्यपाल मोज्तबा निक्केरदार ने स्थानीय चैनलों से कहा, ‘कई लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं। दुआ तो यही है कि हताहतों की संख्या ज्यादा तो नहीं बढ़े, लेकिन यह बढ़ेगी ही।’ उन्होंने कहा कि सरकार तीन आपात राहत शिविर स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं।

रविवार की रात भूकंप के रूप में आई प्राकृतिक आपदा ईरान में पिछले ढेड़ दशकों में आई सबसे बड़ी आपदा बताई जा रही है। इससे पहले वर्ष 2003 में दक्षिण पूर्वी कर्मन प्रांत में आए ऐसे ही भूकंप में मरने वालों की संख्या 31,000 दर्ज हुई थी, जिसमें एक पूरा शहर ढह गया था।

 

 

ईराक और ईरान के सीमा क्षेत्र में रविवार की रात करीब 9.30 बजे आए 7.3 तीव्रता के भूकंप ने दोनों देशों को जान माल का भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक इस भूकंप में मरने वालों की संख्या 200 से पार हो चुकी है जबकि हजारों की संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती करवाए गए हैं। एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप प्रभावित इलाके के आठ गांव पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। कई जगहों पर भारी मात्रा में भूस्खलन होने के कारण राहत कार्य पूरी गति से शरू नहीं हो पाया है। इलाके में सैकड़ों मकान, दुकान और दफ्तर मलबे के ढ़ेरों में तब्दील हो चुके हैं। इस आपदा के कुछ वीडियो सोशल मीडिया के जरिए सामने आए हैं जिनमें से एक हम आपके साथ साझा कर रहे हैं। https://twitter.com/presstv/status/929939281086484481 इराक सीमा पर स्थित ईरान के करमनशाह प्रांत के उपराज्यपाल मोज्तबा निक्केरदार ने स्थानीय चैनलों से कहा, 'कई लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं। दुआ तो यही है कि हताहतों की संख्या ज्यादा तो नहीं बढ़े, लेकिन यह बढ़ेगी ही।' उन्होंने कहा कि सरकार तीन आपात राहत शिविर स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं। रविवार की रात भूकंप के रूप में आई प्राकृतिक आपदा ईरान में पिछले ढेड़ दशकों में आई सबसे बड़ी आपदा बताई जा रही है। इससे पहले वर्ष 2003 में दक्षिण पूर्वी कर्मन प्रांत में आए ऐसे ही भूकंप में मरने वालों की संख्या 31,000 दर्ज हुई थी, जिसमें एक पूरा शहर ढह गया था।