ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर किया हमला, दागी गईं एक दर्जन से अधिक मिसाइलें

ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर किया हमला, दागी गईं एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलें
ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर किया हमला, दागी गईं एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलें

नई दिल्ली। इराक ने बुधवार को अमेरिका के एयरबेस पर मिसाइलों से हमला बोल दिया। खबर मिली है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने दर्जन भर से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल दागे गए हैं। ये हमले अल असद और इरबिल के दो सैन्य ठिकानों पर हुए हैं।

Iraq Us Military Coalition Forces Iran Ballistic Missiles Pentagon :

बताया जा रहा है कि अल असद के जिस ठिकाने पर ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल से हमला बोला है, वहां 2018 में डोनाल्ड ट्रंप गए थे। अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी शुक्रवार को तेज हो गई थी, जब अमेरिका ने बगदाद में ड्रोन हमला कर ईरान के कुद्स कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। उसी के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव शुरू हो गया था।

ईरान के बदले की धमकी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कल ही कहा था कि इसके बुरे नतीजे होंगे। हालांकि हमले से पहले इराकी संसद में विदेशी सेना को लौटाने का प्रस्ताव पारित होने के बाद इस्लामिक स्टेट (आईएस) से लड़ रहे अमेरिकी अगुआई वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने अपनी सेना को वापस भेजने की तैयारी शुरू कर दी।

टास्क फोर्स इराक के कमांडिंग जनरल अमेरिकन मरीन कॉर्प्स के ब्रिगेडियर विलियम एच सीली ने एक पत्र में कहा, इराक गणराज्य की संप्रभुता की रक्षा के लिए और इराकी संसद और प्रधानमंत्री के आग्रह पर सीजेटीएफ-ओआईआर (ऑपरेशन इनहेरिटेंट रिजॉल्व के नाम से प्रसिद्ध गठबंधन सेना) आगामी आंदोलन की तैयारी के लिए अगले सप्ताहों और दिनों में दोबारा तैनात होगी।

नई दिल्ली। इराक ने बुधवार को अमेरिका के एयरबेस पर मिसाइलों से हमला बोल दिया। खबर मिली है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने दर्जन भर से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल दागे गए हैं। ये हमले अल असद और इरबिल के दो सैन्य ठिकानों पर हुए हैं। बताया जा रहा है कि अल असद के जिस ठिकाने पर ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल से हमला बोला है, वहां 2018 में डोनाल्ड ट्रंप गए थे। अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी शुक्रवार को तेज हो गई थी, जब अमेरिका ने बगदाद में ड्रोन हमला कर ईरान के कुद्स कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। उसी के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव शुरू हो गया था। ईरान के बदले की धमकी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कल ही कहा था कि इसके बुरे नतीजे होंगे। हालांकि हमले से पहले इराकी संसद में विदेशी सेना को लौटाने का प्रस्ताव पारित होने के बाद इस्लामिक स्टेट (आईएस) से लड़ रहे अमेरिकी अगुआई वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने अपनी सेना को वापस भेजने की तैयारी शुरू कर दी। टास्क फोर्स इराक के कमांडिंग जनरल अमेरिकन मरीन कॉर्प्स के ब्रिगेडियर विलियम एच सीली ने एक पत्र में कहा, इराक गणराज्य की संप्रभुता की रक्षा के लिए और इराकी संसद और प्रधानमंत्री के आग्रह पर सीजेटीएफ-ओआईआर (ऑपरेशन इनहेरिटेंट रिजॉल्व के नाम से प्रसिद्ध गठबंधन सेना) आगामी आंदोलन की तैयारी के लिए अगले सप्ताहों और दिनों में दोबारा तैनात होगी।