सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने किया बड़ा खेल, कब्जा करा दी शारदा नहर की करोड़ों रुपये कीमत की जमीन

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सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने किया बड़ा खेल, कब्जा कर दी शारदा नहर की करोड़ों रुपये कीमत की जमीन

लखनऊ। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का बड़ा खेल सामने आया है। पीजीआई के कल्ली पश्चिम में​ स्थि​त शारदा नहर की करोड़ों रुपये की 2.558 हेक्टेयर जमीन बिल्डर को कब्जा करा दी। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का यह खेल उजागर हुआ तो मामले की जांच शुरू हुई, जिसके बाद इसकी हकीकत सामने आई। वहीं, शुक्रवार को सिंचाई विभाग के जिलेदार की तहरीर पर विभाग के छह कर्मचारियों व बिल्डर के निदेशक के खिलाफ पीजीआई थाने में जालसाजी, सरकारी संपत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज किया गया।

Irrigation Department Employees Did Big Game Occupied Land Worth Crores Of Rupees In Sharda Canal :

शासन के निर्देश पर छह में से चार कर्मचारियों को निलंबित कर दो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई है। सिंचाई विभाग के तृतीय उपखंड के जिलेदार अनिल कुमार शुक्ला के मुताबिक, कल्ली पश्चिम में शारदा नहर गुजरती है। इसके पास ओमेक्स बिल्डर्स ने अपार्टमेंट बनवाया है। वहीं, सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने जालसाजी करते हुए नहर की 2.558 हेक्टेयर जमीन सड़क बनाने के लिए बिल्डर को कब्जा कर दी।

इस मामले का खुलासा हुआ तो सामने आया कि सिंचाई विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता विद्यासागर सिंह, अधिशासी अभियंता योगेश रावल, सहायक अभियंता एसएन मौर्य, उप राजस्व अधिकारी कृष्ण गोपाल, जिलेदार देवी प्रसाद सिंह, सींचपाल केशव मणि त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभाई। जिलेदार ने शासन के निर्देश पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही ओमेक्स लि. के निदेशक के खिलाफ तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

बता दें कि जांच में सामने आया कि बिल्डर ने 2.558 हेक्टेयर जमीन पर 15 मीटर चौड़ी सड़क बनवाई। 19 मई को यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने आया। इसके बाद जांच शुरू की गई, जिसमें फर्जीवाड़ा सामने आया है।

जांच के बाद इनको किया गया निलंबित
सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का यह फर्जीवाड़ा सामने आया तो दोषी अफसरों पर कार्रवाई शुरू हुई। शासन के निर्देश पर उप राजस्व अधिकारी कृष्ण गोपाल, जिलेदार देवी प्रसाद सिंह, सींचपाल केशवमणि त्रिपाठी व सहायक अभियंता एसएन मौर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं, अधीक्षण अभियंता विद्यासागर सिंह और अधिशासी अभियंता योगेश रावल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय किया गया।

लखनऊ। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का बड़ा खेल सामने आया है। पीजीआई के कल्ली पश्चिम में​ स्थि​त शारदा नहर की करोड़ों रुपये की 2.558 हेक्टेयर जमीन बिल्डर को कब्जा करा दी। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का यह खेल उजागर हुआ तो मामले की जांच शुरू हुई, जिसके बाद इसकी हकीकत सामने आई। वहीं, शुक्रवार को सिंचाई विभाग के जिलेदार की तहरीर पर विभाग के छह कर्मचारियों व बिल्डर के निदेशक के खिलाफ पीजीआई थाने में जालसाजी, सरकारी संपत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज किया गया। शासन के निर्देश पर छह में से चार कर्मचारियों को निलंबित कर दो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई है। सिंचाई विभाग के तृतीय उपखंड के जिलेदार अनिल कुमार शुक्ला के मुताबिक, कल्ली पश्चिम में शारदा नहर गुजरती है। इसके पास ओमेक्स बिल्डर्स ने अपार्टमेंट बनवाया है। वहीं, सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने जालसाजी करते हुए नहर की 2.558 हेक्टेयर जमीन सड़क बनाने के लिए बिल्डर को कब्जा कर दी। इस मामले का खुलासा हुआ तो सामने आया कि सिंचाई विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता विद्यासागर सिंह, अधिशासी अभियंता योगेश रावल, सहायक अभियंता एसएन मौर्य, उप राजस्व अधिकारी कृष्ण गोपाल, जिलेदार देवी प्रसाद सिंह, सींचपाल केशव मणि त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभाई। जिलेदार ने शासन के निर्देश पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही ओमेक्स लि. के निदेशक के खिलाफ तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बता दें कि जांच में सामने आया कि बिल्डर ने 2.558 हेक्टेयर जमीन पर 15 मीटर चौड़ी सड़क बनवाई। 19 मई को यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने आया। इसके बाद जांच शुरू की गई, जिसमें फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच के बाद इनको किया गया निलंबित सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का यह फर्जीवाड़ा सामने आया तो दोषी अफसरों पर कार्रवाई शुरू हुई। शासन के निर्देश पर उप राजस्व अधिकारी कृष्ण गोपाल, जिलेदार देवी प्रसाद सिंह, सींचपाल केशवमणि त्रिपाठी व सहायक अभियंता एसएन मौर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं, अधीक्षण अभियंता विद्यासागर सिंह और अधिशासी अभियंता योगेश रावल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय किया गया।