क्या सरकार और कुर्सी बचा पाएंगे मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल

अरविन्द केजरीवाल, Arvind Kejriwal, आप
20 आप विधायकों को हाईकोर्ट से राहत, निर्वाचन आयोग को दोबारा सुनवाई के निर्देश

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा के 20 विधायकों की सदस्यता को रद्द करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय को सिफारिश भेजी है। यह मामला करीब दो साल पुराना है जब दिल्ली के ही एक वकील ने राष्ट्रपति कार्यालय को दिल्ली सरकार के इन विधायकों के खिलाफ लाभ के दो पदों पर होने का आरोप लगाते हुए, बतौर विधायक उनकी सदस्यता को चुनौती दी थी। जिसमें राष्ट्रपति कार्यालय ने निर्वाचन आयोग को बतौर विशेषज्ञ इस मामले की जांचकर राय मांगी थी।

वर्तमान परिस्थितियों में दिल्ली विधानसभा के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द होने से सभी 20 सीटों पर उपचुनाव की परिस्थिति बनती नजर आ रही है। जिसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और आप सरकार के लिए अग्निपरीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। 66 विधायकों के कंधों पर टिकी अरविन्द केजरीवाल की सरकार के पास केवल 46 विधायक बचेंगे। इन 46 विधायकों में वे विधायक भी शामिल हैं, जो वैचारिक रूप से अरविन्द केजरीवाल और उनकी सरकार की नीतियों के विरोध में मुखर रूप से खड़े हैं या फिर बागी हो चुके हैं।

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इन 20 सीटों पर उपचुनाव की स्थिति में अरविन्द केजरीवाल के विरोध में खड़े पार्टी के ही कपिल मिश्रा और कुमार विश्वास खेमे के विधायक बागी तेवर दिखा सकते हैं। इन 20 सीटों में से आप कितनी सीटों पर कब्जा बरकरार रख पाएगी और विपक्षी दल उपचुनावों में जीत के अलावा बचे 46 विधायकों में से कितने असंतुष्ट विधायकों को तोड़कर अपने साथ ले जाने में कामयाब होगें यह तो आने वाले समय में बनने वाली सियासी परिस्थितियां ही तय करेंगी।

कपिल मिश्रा करेंगे नुकसान —

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दिल्ली में संभावित उप चुनावों को लेकर विपक्षी राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ने तैयारियां भी शुरू कर दीं हैं। आम आदमी पार्टी बैकफुट पर है, क्योंकि पार्टी नेतृत्व जानता है कि पिछले एक वर्ष में पार्टी की अंदरूनी राजनीति में कई ऐसे घटनाक्रम रहे हैं जिनका नुकसान उसे विरोध के रूप में देखना पड़ सकता है।

पार्टी के बागी विधायक पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा जैसे कई ऐसे चेहरे हैं, जो पार्टी में रहकर ही पार्टी के हाईकमान को चुनौती दे रहे हैं। अगर चुनाव होते हैं तो ये लोग पार्टी को अपनी हैसियत के हिसाब से नुकसान पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ेगे।

विश्वास समर्थकों का डर —

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दिल्ली से राज्यसभा की तीन सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार के रूप में कवि कुमार विश्वास की दावेदारी को नकारे जाने से नाराज पार्टी के कार्यकर्ताओं और कुमार विश्वास समर्थक विधायकों को साधना पार्टी के लिए मुश्किल का सबब बन सकता है। कविराज ​कुमार विश्वास ने भले ही अब तक अपनी भावनाओं का लावा रोक रखा हो लेकिन ये बात तय है कि वह मौके पर केजरीवाल को करारा जवाब देने का इंतजार कर रहे हैं।

कैसी हो सकती है दिल्ली विधानसभा की नई तस्वीर—

दिल्ली की 20 सीटों पर चुनाव के बाद संभावित सूरत में दिल्ली की विधानसभा में 66 विधायकों वाली आप का कमजोर होना तय है। विपक्ष में चार विधायकों के साथ बैठी भाजपा को अपनी स्थिति मजबूत होती नजर आने लगी है तो कांग्रेस भी वापसी की एक और कोशिश में कमर कसने में जुट गई है।

लेकिन उप चुनावों के बाद की तस्वीर की बात की जाए तो बागी विधायक आप का खेल बिगाड़ सकते हैं। अगर भाजपा नए सूरत—ए—हाल में 20 का आंकड़ा छूती नजर आई तो संभव है कि आप के बागी दिल्ली में राजनीतिक अस्थिरता का कारण बन अरविन्द केजरीवाल के बहुमत को चुनौती दे डालें।

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नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा के 20 विधायकों की सदस्यता को रद्द करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय को सिफारिश भेजी है। यह मामला करीब दो साल पुराना है जब दिल्ली के ही एक वकील ने राष्ट्रपति कार्यालय को दिल्ली सरकार के इन विधायकों के खिलाफ लाभ के दो पदों पर होने का आरोप लगाते हुए, बतौर विधायक उनकी सदस्यता को चुनौती दी थी। जिसमें राष्ट्रपति कार्यालय ने निर्वाचन आयोग को बतौर विशेषज्ञ इस मामले की जांचकर…
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