इस बीएसएफ़ जवान के कारनामे सुन राजनाथ ने लगाया इसे गले

नई दिल्ली। ‘गोधराज मीणा’ बीएसएफ़ का वह जवान जिसके कारनामे सुनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का भी कलेजा पसीज गया और प्रोटोकाल को तोड़ते हुए सिंह ने जवान को सीने से लगा लिया। इस जवान के साहसिक कारनामे सुनने के बाद आपका भी मन यकीनन इसे सैलुट करने को करेगा। इस जवान ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक हादसे के दौरान अपने 30 साथियों की जान बचाई थी हालांकि अकेले आतंकियों से लोहा लेते समय इस जवान को कई गंभीर चोटें आई थी जिस वजह से आज भी यह जवान 85 फीसदी तक शारीरिक अक्षमता का शिकार है।



बता दें कि गुरुवार कोबीएसएफ के एक कार्यक्रम में राजनाथ ने गोधराज मीणा को वीरता मेडल से सम्मानित किया। वह 2014 में आतंकवादी हमले के दौरान कई गोलियां लगने से बुरी तरह घायल हो गए थे। मेडल मिलने के बाद मीणा द्वारा सलामी देने के कोशिश से प्रभावित राजनाथ सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़ उन्हें गले से लगा लिया। प्रोटोकॉल के तहत मेडल मिलने के बाद सैनिक को सम्मानित करने वाले व्यक्ति से हाथ मिलाकर सलामी देनी होती है।



{ यह भी पढ़ें:- सेना ने जैश-ए-मोहम्मद कमांडर अबू खालिद को मार गिराया }

मीणा की बहादुरी का किस्सा बताते हुए राजनाथ ने कहा कि 5 अगस्त 2014 को उधमपुर स्थित नरसू नाला के पास बीएसएफ के जवानों को ले जा रही बस पर आतंकी हमला कर दिया गया। बस की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे 44 वर्षीय मीणा ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए गोलीबारी के बीच दो आतंकवादियों को बस में घुसने से रोक दिया और बस में सवार 30 जवानों की जान बचा ली। हालांकि, इस दौरान उनके जबड़े सहित शरीर के अन्य हिस्सों में लगी गोली के कारण मीणा न सिर्फ 85 प्रतिशत शारीरिक अक्षमता के शिकार हो गए, बल्कि अब वह बोल सकने में भी समर्थ नहीं हैं।

{ यह भी पढ़ें:- रोहिंग्या शणार्थी नहीं अवैध प्रवासी: राजनाथ सिंह }