तालिबानी फरमान: शादी में बैंड बजा तो बंद होगा हुक्का पानी, इमाम नहीं पढ़ाएंगे निकाह

लखनऊ। बिना बैंड बाजे की बारात कैसी होगी? बिना नाच गाने वाली शादी कैसी होगी? ये सवाल आजकल बरेली जिले के तिलियापुर गांव के लोग सोच रहे हैं। क्योंकि इलाके के मौलानाओं और इमामों ने मिलकर एक पंचायत बुलाकर तालिबानी फरमान सुनाया है कि जिस बारात में बैंड बाजा बजेगा और डांस पार्टी आएगी उस शादी में गांव के इमाम साहब निकाह नहीं पढ़वाएंगे। सजा के तौर पर बैंड बजवाने वाले घर का हुक्का पानी भी बदं कर दिया जाएगा।




तिलियापुर के लोगों का कहना है कि शादियों में बजने वाले बैंड पर होने वाले डांस में और डांस पार्टियों में आने वाली डांसरों के साथ लोग अश्लीलता की हदें पार कर जाते थे। इसी समस्या के हल को लेकर गांव के प्रधान नूरउद्दीन ने पंचायत बुलाई थी। जिसमें गांव के मौलानाओं और इमाम भी मौजूद थे। पंचायत ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि जो लोग अपने घर की शादी में बैंड बजवाएगा या डांस पार्टी बुलाएगा उनके यहां इमाम साहब निकाह पढ़वाने नहीं जाएंगे। इसके साथ ही गांव और समाज से उस घर का हुक्का पानी बन्द कर दिया जाएगा।

पंचायत ने कहा है कि गांव में जब किसी लड़की की शादी होगी तो लड़की वालों की जिम्मेदारी होगी कि वे लड़के वालों को पंचायत के इस फरमान की जानकारी दें। इसके बावजूद अगर लड़के वाले नहीं मानते तो कानून तोड़ने की जिम्मेदारी लड़की वालों की होगी।




बरेली का तिलियापुर एक मुस्लिम बाहुल्य गांव है। हजारों की आबादी वाले गांव में 5 मस्जिदें हैं। ग्राम प्रधान की ओर से बुलाई गई पंचायत में पांच इमामों और गांव के कुछ मौलानाओं को शामिल किया गया था। पंचायत का कहना है कि उनके फैसले को पूरे गांव ने स्वीकार किया है। पंचायती फरमान को बरेली की दरगाह आला हजरत के मुफ्ती सलीम नूरी ने इस्लाम के मुताबिक सही बताया है। मुफ्ती का कहना है कि इस्लाम में नाच गाना हराम है। शादी की खुशियां हो या कोई और खुशी इन्हें मनाने के कई और तरीके भी हैं। केवल नाचना गाना ही खुशी जाहिर करने का तरीका नहीं हैं।