इजराइलः PM बेंजामिन नेतन्याहू के ऊपर भ्रष्टाचर के आरोप तय

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इजराइलः PM बेंजामिन नेतन्याहू के ऊपर भ्रष्टाचर के आरोप तय

नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बड़ा झटका लगा है। देश के न्याय मंत्रालय ने रिश्वत, भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी करने और विश्वास तोड़ने के आरोप को सही पाया है। अब नेतन्याहू को अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा और अगर वह दोषी ठहराए जाते हैं तो उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही नेतन्याहू को 10 साल की जेल भी हो सकती है।

Israel Corruption Charges Set Against Pm Benjamin Netanyahu :

अटॉर्नी जनरल अविचाई मंडेलब्लिट ने नेतन्याहू पर धोखाधड़ी, विश्वास भंग करने और तीन अलग-अलग घोटालों में रिश्वत लेने का आरोप लगाया। यह पहली बार है जब इजरायल के किसी प्रधानमंत्री पर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। मंडेलब्लिट ने गुरुवार को ही इस विषय में एक औपचारिक बयान जारी करने जा रहे हैं।

नेतन्याहू पर लगे ये आरोप

नेतन्याहू के खिलाफ आरोपों में उन पर संदेह जताया गया है कि उन्होंने अपने अरबपति दोस्तों से सैकड़ों डॉलर के शैंपेन और सिगार स्वीकार किए, एक अखबार के प्रकाशक के साथ व्यापार करने की पेशकश की और एक लोकप्रिय समाचार साइट पर अनुकूल कवरेज के बदले अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर एक अमीर टेलीकॉम मैग्नेट की मदद की।

अभियोग के लिए नेतन्याहू को इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि इन आरोपों के बाद उन पर पद छोड़ने के लिए दबाव बढ़ेगा।

आरोपों को खारिज करते रहे हैं नेतन्याहू

नेतन्याहू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को हमेशा खारिज किया। वे खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताकर अपना बचाव करते रहे हैं। इस साल अक्टूबर में उनकी कानूनी टीम ने 4 दिन तक प्रोसेक्यूटरों के साथ जिरह की थी। इस टीम ने प्रधानमंत्री पर लगे आरोपों को खारिज करने या कम करने की मांग की थी। इसके बाद भी मामले में कोई ज्यादा अंतर नहीं आया।

मंडेलब्लिट ने कहा- मैंने भारी मन से निर्णय लिया

मंडेलब्लिट ने रिपोर्ट पेश करने के बाद कहा, “मैंने यह निर्णय भारी मन से, लेकिन कानून के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के चलते लिया। ये मेरी ड्यूटी है कि इजराइल के लोगों के लिए सुनिश्चित करूं कि वे एक ऐसे देश में रहते हैं, जहां पर कोई कानून से ‌ऊपर नहीं है। भ्रष्टचार से संबंधित संदेहों की पूरी तरह से जांच होती है। कानून का पालन करना विवेक का काम नहीं है, यह एक बाध्यता है, जिसे सभी को मानना जरूरी है।”

मैंने देश के लिए जीवन दिया: नेतन्याहू

रिपोर्ट फाइल होने के बाद नेतन्याहू ने कहा, “मैंने देश के लिए पूरा जीवन दिया। इसके लिए लड़ाई लड़ी और जख्मी भी हुआ। मैं पिछले कुछ साल से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी देश को वैश्विक शक्ति बनाने के लिए लड़ा हूं। मुझे अपनी उपलब्धियों पर गर्व है। यह मेरे लिए और मेरा समर्थन करने वाले लोगों के लिए बेहद कठिन दिन है।”

नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बड़ा झटका लगा है। देश के न्याय मंत्रालय ने रिश्वत, भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी करने और विश्वास तोड़ने के आरोप को सही पाया है। अब नेतन्याहू को अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा और अगर वह दोषी ठहराए जाते हैं तो उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही नेतन्याहू को 10 साल की जेल भी हो सकती है। अटॉर्नी जनरल अविचाई मंडेलब्लिट ने नेतन्याहू पर धोखाधड़ी, विश्वास भंग करने और तीन अलग-अलग घोटालों में रिश्वत लेने का आरोप लगाया। यह पहली बार है जब इजरायल के किसी प्रधानमंत्री पर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। मंडेलब्लिट ने गुरुवार को ही इस विषय में एक औपचारिक बयान जारी करने जा रहे हैं। नेतन्याहू पर लगे ये आरोप नेतन्याहू के खिलाफ आरोपों में उन पर संदेह जताया गया है कि उन्होंने अपने अरबपति दोस्तों से सैकड़ों डॉलर के शैंपेन और सिगार स्वीकार किए, एक अखबार के प्रकाशक के साथ व्यापार करने की पेशकश की और एक लोकप्रिय समाचार साइट पर अनुकूल कवरेज के बदले अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर एक अमीर टेलीकॉम मैग्नेट की मदद की। अभियोग के लिए नेतन्याहू को इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि इन आरोपों के बाद उन पर पद छोड़ने के लिए दबाव बढ़ेगा। आरोपों को खारिज करते रहे हैं नेतन्याहू नेतन्याहू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को हमेशा खारिज किया। वे खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताकर अपना बचाव करते रहे हैं। इस साल अक्टूबर में उनकी कानूनी टीम ने 4 दिन तक प्रोसेक्यूटरों के साथ जिरह की थी। इस टीम ने प्रधानमंत्री पर लगे आरोपों को खारिज करने या कम करने की मांग की थी। इसके बाद भी मामले में कोई ज्यादा अंतर नहीं आया। मंडेलब्लिट ने कहा- मैंने भारी मन से निर्णय लिया मंडेलब्लिट ने रिपोर्ट पेश करने के बाद कहा, "मैंने यह निर्णय भारी मन से, लेकिन कानून के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के चलते लिया। ये मेरी ड्यूटी है कि इजराइल के लोगों के लिए सुनिश्चित करूं कि वे एक ऐसे देश में रहते हैं, जहां पर कोई कानून से ‌ऊपर नहीं है। भ्रष्टचार से संबंधित संदेहों की पूरी तरह से जांच होती है। कानून का पालन करना विवेक का काम नहीं है, यह एक बाध्यता है, जिसे सभी को मानना जरूरी है।" मैंने देश के लिए जीवन दिया: नेतन्याहू रिपोर्ट फाइल होने के बाद नेतन्याहू ने कहा, "मैंने देश के लिए पूरा जीवन दिया। इसके लिए लड़ाई लड़ी और जख्मी भी हुआ। मैं पिछले कुछ साल से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी देश को वैश्विक शक्ति बनाने के लिए लड़ा हूं। मुझे अपनी उपलब्धियों पर गर्व है। यह मेरे लिए और मेरा समर्थन करने वाले लोगों के लिए बेहद कठिन दिन है।"