इस्राइल चुनाव: एक्जिट पोल्स में हारते दिख रहे हैं बेंजामिन नेतन्याहू

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इस्राइल चुनाव: एक्जिट पोल्स में हारते दिख रहे हैं बेंजामिन नेतन्याहू

नई दिल्ली। इस्राइल में बेंजामिन नेतन्याहू का दौर खत्म होने जा रहा है? अगर एक्जिट पोल पर विश्वास किया जाए तो देश में लंबे समय से प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू बहुमत से पीछे दिख रहे हैं। ऐसे में रेकॉर्ड पांचवीं बार पीएम बनने का उनका सपना चकनाचूर हो सकता है। चुनाव प्रचार में नेतन्याहू ने पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने देश की विदेश नीति और दुनिया में इजरायल के कद को दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात की तस्वीरों को भी अपने प्रचार में किया था।  

Israel Election 2019 Exit Polls Show Netanyahu Behind Main Rival Gantz :

बता दें इस चुनाव में दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के नेता और इस्राइल के सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री नेतन्याहू का मुकाबला पूर्व सैन्य प्रमुख बेंजामिन ‘बेनी’ गांत्ज के साथ हो रहा है, जो मध्यमार्गी ब्ल्यू एंड व्हाइट पार्टी से हैं। पिछले कई बरसों में नेतन्याहू के वह सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी हैं।

गांत्ज ने अपना वोट डालने के दौरान भी देश से भ्रष्टाचार और चरमपंथ को खारिज करने की अपील की थी। गांत्ज ने कहा था, ‘‘हम नई उम्मीद चाहते हैं। हम आज बदलाव के लिए वोट डाल रहे हैं।’

किसी को बहुमत के आसार नहीं

इस चुनाव को मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व पर एक जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है। अगर ऐग्जिट पोल्स और नतीजों में समानता रहती है तो किसी को भी बहुमत मिलने नहीं जा रहा है। 120 सदस्यीय इजरायली संसद में नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गुट को 55-57 सीटें मिल सकती हैं। उधर, नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी बेनी गैंट्ज की ब्लू ऐंड वाइट पार्टी भी 61 के जादुई आंकड़े से पिछड़ती दिख रही है। ऐसे में संभावना इस बात की बन रही है कि देश में मिलीजुली यूनिटी गवर्नमेंट बने।

कौन होगा किंगमेकर

केंद्रीय चुनाव आयोग ने बताया है कि 69.4 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इजरायल के नागरिकों ने देश में पांच महीने में ही दूसरी बार हुए आम चुनाव में मंगलवार को वोट डाले। एग्जिट पोल्स से साफ है कि नेतन्याहू की सरकार में विदेश और रक्षा मंत्री रह चुके ए. लिबरमैन किंगमेकर बन सकते हैं। उनकी पार्टी YBP को 8 से 10 सीटें मिल सकती हैं। उन्होंने कहा है कि वह यूनिटी गवर्नमेंट का समर्थन करेंगे।

नई दिल्ली। इस्राइल में बेंजामिन नेतन्याहू का दौर खत्म होने जा रहा है? अगर एक्जिट पोल पर विश्वास किया जाए तो देश में लंबे समय से प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू बहुमत से पीछे दिख रहे हैं। ऐसे में रेकॉर्ड पांचवीं बार पीएम बनने का उनका सपना चकनाचूर हो सकता है। चुनाव प्रचार में नेतन्याहू ने पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने देश की विदेश नीति और दुनिया में इजरायल के कद को दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात की तस्वीरों को भी अपने प्रचार में किया था।   बता दें इस चुनाव में दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के नेता और इस्राइल के सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री नेतन्याहू का मुकाबला पूर्व सैन्य प्रमुख बेंजामिन ‘बेनी’ गांत्ज के साथ हो रहा है, जो मध्यमार्गी ब्ल्यू एंड व्हाइट पार्टी से हैं। पिछले कई बरसों में नेतन्याहू के वह सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी हैं। गांत्ज ने अपना वोट डालने के दौरान भी देश से भ्रष्टाचार और चरमपंथ को खारिज करने की अपील की थी। गांत्ज ने कहा था, ‘‘हम नई उम्मीद चाहते हैं। हम आज बदलाव के लिए वोट डाल रहे हैं।’ किसी को बहुमत के आसार नहीं इस चुनाव को मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व पर एक जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है। अगर ऐग्जिट पोल्स और नतीजों में समानता रहती है तो किसी को भी बहुमत मिलने नहीं जा रहा है। 120 सदस्यीय इजरायली संसद में नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गुट को 55-57 सीटें मिल सकती हैं। उधर, नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी बेनी गैंट्ज की ब्लू ऐंड वाइट पार्टी भी 61 के जादुई आंकड़े से पिछड़ती दिख रही है। ऐसे में संभावना इस बात की बन रही है कि देश में मिलीजुली यूनिटी गवर्नमेंट बने। कौन होगा किंगमेकर केंद्रीय चुनाव आयोग ने बताया है कि 69.4 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इजरायल के नागरिकों ने देश में पांच महीने में ही दूसरी बार हुए आम चुनाव में मंगलवार को वोट डाले। एग्जिट पोल्स से साफ है कि नेतन्याहू की सरकार में विदेश और रक्षा मंत्री रह चुके ए. लिबरमैन किंगमेकर बन सकते हैं। उनकी पार्टी YBP को 8 से 10 सीटें मिल सकती हैं। उन्होंने कहा है कि वह यूनिटी गवर्नमेंट का समर्थन करेंगे।