इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मोदी को बताया दुनिया का महान नेता

नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इज़राइल के तीन दिवसीय दौरे पर है जहां उनका भव्य स्वागत देखने को मिल रहा है। मोदी की आव-भगत में कोई कमी न रह जाये इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है। मोदी की तारीफ में वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नरेंद्र मोदी को दुनिया का महान नेता करार दिया है। मोदी के इज़राइल दौरे पर जाने से पहले ही इस बात की उम्मीद लगाई जा रही थी कि मोदी का यह दौरा कई मायनों में खास हो सकता है जो अभी तक होता दिखाई भी दे रहा है। वहां के पीएम नेतन्याहू का भी मानना है कि दोनों देशों के बीच संबंध गणितीय फॉर्मूले के हिसाब से उत्तम है। दोनों देशों के बीच भागीदारी का विस्तार जल, सुरक्षा, ऊर्जा तथा कई अन्य क्षेत्रों में किया जाएगा।

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मोदी के स्वागत के पश्चात अपने सम्बोधन में कहा कि सफलता का फॉर्मूला सरल है। यह आई स्क्वेयर टी स्क्वेयर, जो आने वाले कल के लिए इजरायल तथा भारत के बीच संबंध के बराबर है। मुझे विश्वास है..यह गणित का फॉर्मूला है, जो मुझे अपने छात्र के दिनों से याद है। नेतन्याहू ने कहा कि भारत तथा इजरायल के बीच भागीदारी के सफल होने के उनके भरोसे के पीछे ‘कई कारण’ हैं और उन्होंने हिंदी तथा हिब्रू का हवाला दिया-कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली में सबसे ज्यादा सुनी जाने वाली दो भाषाएं।

उन्होंने कहा कि भारत के यहूदी तथा इजरायल में रहने वाले भारतीय मूल के 100,000 इजरायली दोनों देशों के बीच मानव सेतु हैं। तीसरी बात, अपने लोगों की वजह से हमारी सफलता के प्रति मैं आश्वस्त हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आप भारत के महान नेता और दुनिया के महान नेता हैं। आपका इजरायल दौरा इसका साक्ष्य है। उन्होंने तीन साल पहले संयुक्त राष्ट्र में मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद किया और बताया कि किस तरह उन्होंने भारत तथा इजरायल के बीच बाकी बची दीवार को तोड़ने पर सहमति जताई और एक दूसरे का हाथ थामा और एक ऐतिहासिक भागीदारी का सूत्रपात किया।

नेतन्याहू ने कहा, “हम एक बार फिर पेरिस में मिले और तब से लेकर अब तक टेलीफोन पर हमारी कई बार बातचीत हुई। लेकिन मुझे याद है मेरे मित्र कि पहली मुलाकात के दौरान आपने क्या कहा था। आपने कहा था कि जहां तक भारत-इजरायल संबंधों की बात है, तो इसकी सीमा आसमान है। लेकिन वास्तव में मेरे मित्र सीमा आसमान नहीं है, क्योंकि आज की तारीख में हमारा अंतरिक्ष कार्यक्रम उससे भी ऊंचाई तक जाने के लिए काम कर रहा है।”