1. हिन्दी समाचार
  2. चंद्रयान-2: ISRO ने पहली बार जारी की तस्वीरें, 15 जुलाई को रचेगा इतिहास

चंद्रयान-2: ISRO ने पहली बार जारी की तस्वीरें, 15 जुलाई को रचेगा इतिहास

Isro Chandrayaan 2 Moon Mission Space Research Organisation India

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 15 जुलाई को होने वाली चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की तैयारी में जुटा है। इससे ठीक एक हफ्ते पहले इसरो ने अपनी वेबसाइट पर चंद्रयान की तस्वीरें जारी की हैं। करीब 1000 करोड़ रु. लागत के इस मिशन को जीएसएलवी एमके-3 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। 3800 किलो वजनी स्पेसक्राफ्ट में 3 मॉड्यूल ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) होंगे। इसरो ने इनकी भी तस्वीरें साझा की हैं।

पढ़ें :- Kylie Jenner ने शेयर की Halloween पार्टी की हॉट तस्वीरें, सोशल मीडिया पर मचा कोहराम

चंद्रयान-2: ISRO ने पहली बार जारी की तस्वीरें, 15 जुलाई को रचेगा इतिहास

6-7 सितंबर को चंद्रमा पर पहुंचेगा चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 मिशन 15 जुलाई को रात 2.51 बजे आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। यान 6 या 7 सितंबर को चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के पास लैंड करेगा। इसके साथ ही भारत चांद की सतह पर लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन अपने यानों को चांद की सतह पर भेज चुके हैं। अभी तक किसी भी देश ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास यान नहीं उतारा है।

बाहुबली रॉकेट जीएसलवी एमके-3 से होगी लॉन्चिंग

पढ़ें :- बिहार चुनाव: जेपी नड्डा ने विपक्ष पर साधा निशाना, पूछा-क्या यह महागठबंधन विकास सुनिश्चित करेगा?

पूरे चंद्रयान-2 मिशन में 603 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। जीएसएलवी की कीमत 375 करोड़ रु. है। जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल एमके-3 करीब 6000 क्विंटल वजनी रॉकेट है। यह पूरी तरह लोडेड करीब 5 बोइंग जंबो जेट के बराबर है। यह अंतरिक्ष में काफी वजन ले जाने में सक्षम है। लिहाजा इसे बाहुबली रॉकेट भी कहा जाता है।

तीन चरण में पूरा होगा मिशन

इसरो के मुताबिक, ऑर्बिटर अपने पेलोड के साथ चांद का चक्कर लगाएगा। लैंडर चंद्रमा पर उतरेगा और वह रोवर को स्थापित करेगा। ऑर्बिटर और लैंडर मॉड्यूल जुड़े रहेंगे। रोवर, लैंडर के अंदर रहेगा। रोवर एक चलने वाला उपकरण रहेगा जो चांद की सतह पर प्रयोग करेगा। लैंडर और ऑर्बिटर भी प्रयोगों में इस्तेमाल होंगे।

चंद्रयान-1 चांद की कक्षा में स्थापित हुआ था

चंद्रयान-1 अक्टूबर 2008 में लॉन्च हुआ था। उस वक्त यह भारत के 5, यूरोप के 3, अमेरिका के 2 और बुल्गारिया का एक (कुल 11) पेलोड लेकर गया था। 140 क्विंटल वजनी चंद्रयान-1 को चांद के सतह से 100 किमी दूर कक्षा में स्थापित किया गया था।

पढ़ें :- Halloween मे Kim Kardashian ने कुछ इस तरह बिखेरे जलवे, देखने वालों की रातों की उड़ी नींद

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...